
माता अन्नपूर्णा मंदिर
– फोटो : फाइल
विस्तार
शिव नगरी काशी पर अन्न-धन की बरसात करने वाली मां अन्नपूर्णा पहली बार भक्तों पर पांच दिन तक अपना आशीष बरसाएंगी। तिथियों के हेरफेर के कारण ही स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के पांच दिनों तक दर्शन मिलेंगे। बाबा के आंगन में विराजने वाली मां अन्नपूर्णा के दर्शन 10 नवंबर से ही शुरू होंगे। इससे पहले तीन से चार दिन ही स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के दर्शन होते थे।
काशीपुराधिपति को अन्न-धन की भिक्षा देने वाली मां अन्नपूर्णा के दर्शन इस बार 14 नवंबर तक होंगे। मां के दरबार में खजाना भी बांटा जाएगा। इस बार धनतेरस की शुरुआत 10 नवंबर से हो रही है। 11 नवंबर को छोटी दीपावली है। 12 नवंबर को दीपावली और 13 नवंबर को सोमवती अमावस्या है। 14 नवंबर को अन्नकूट की झांकी सजाई जाएगी। मंदिर के महंत शंकर पुरी ने बताया कि धनतेरस से स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के विग्रह के दर्शन शुरू होंगे, जो 14 नवंबर तक चलते रहेंगे। अन्नकूट की झांकी के बाद मध्य रात्रि में दर्शन पूजन अगले साल तक के लिए बंद हो जाएगा। भक्त इस बार माता के स्वर्णमयी विग्रह मां अन्नपूर्णा, मां भूमि देवी और रजत महादेव के दर्शन कर सकेंगे। अभिजीत मुहूर्त में भोर में माता का पूजन व आरती के बाद खजाने की पूजा की जाएगी।
