
सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
शाहजहांपुर के तिलहर क्षेत्र में विरासत दर्ज कराने के लिए दो हजार रुपये की रिश्वत लेते लेखपाल को एंटी-करप्शन की टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। लेखपाल को तिलहर थाने ले जाकर टीम बृहस्पतिवार शाम तक लिखापढ़ी करती रही।
रोजा के तोनी गांव के रहने वाले शेरू के पिता किशन की 2021 में मृत्यु हो गई थी। तीन महीने से वह विरासत दर्ज कराने के लिए सदर तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। लेखपाल अरविंद कुमार निवासी गांव नागरपाल थाना सेहरामऊ दक्षिणी शेरू से रिश्वत मांग रहा था। शेरू के मुताबिक, वह तीन हजार रुपये दे भी चुके थे, लेकिन लेखपाल दो हजार रुपये और मांग रहा था। शेरू ने बताया कि वह मजदूरी करके परिवार का गुजारा करता है। उसने और रुपये देने में असमर्थता जताई लेकिन लेखपाल नहीं माना।
UP News: यहां लगातार दूसरे दिन चला बुलडोजर, अवैध तरीके से बसाई जा रही पांच कॉलोनियां ध्वस्त
इसके बाद उसने एंटी-करप्शन विभाग से संपर्क साधा। एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। बृहस्पतिवार दोपहर करीब ढाई बजे शेरू ने लेखपाल को रुपये देने के लिए बादशाह नगर चौराहे पर बुलाया। यहां पर ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक काशीनाथ उपाध्याय की अगुवाई में भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली की टीम मौजूद थी।
जैसे ही लेखपाल ने शेरू से रुपये लिए, टीम ने उसे पकड़ लिया। लेखपाल को पकड़कर टीम तिलहर थाने पहुंची। देर रात तक टीम मामले में लिखापढ़ी करती रही। सीओ एंटी करप्शन यशपाल सिंह ने बताया कि टीम ने लेखपाल को रंगे हाथ पकड़ लिया। उसके खिलाफ तिलहर थाने में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
