28 वाहनों से दिन भर कराया छिड़काव
सुबह से लेकर शाम तक शहर की सड़कों पर स्प्रिंकलर चलाए गए और पौधों पर जमा धूल और सड़क की धुलाई की गई। पानी के 12 बड़े टैंकर, 14 टेंपो और दो ट्रैक्टर टैंकर की मदद से पानी का छिड़काव किया गया। सड़कों की धुलाई के साथ डिवाइडर के किनारे जमा हुई धूल को रोड स्वीपिंग मशीन से हटवाया गया और पानी का छिड़काव किया गया। गमलों, फुटपाथ, डिवाइडर तक की धुलाई पूरे दिन जारी रही।
निरीक्षण किया
यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. विश्वनाथ शर्मा ने बताया कि ‘मैंने ऑटोमेटिक स्टेशन का निरीक्षण किया था। मुझे बताया गया कि दीवार पर जो वर्टिकल गार्डन लगाया गया है, उन पौधों को पानी देने के लिए टंकी और स्प्रिंकलर लगाए गए थे। मैंने उन्हें यह सब हटाने के लिए निर्देश दिए हैं।’
एक्स से लेकर सोशल मीडिया पर उठा मुद्दा
आगरा में वायु प्रदूषण से निपटने का यह तरीका अमर उजाला ने जब प्रकाशित किया तो सोशल मीडिया पर एक्स, फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम पर खबर के फोटो, वीडियो प्रसारित होने लगे। लाखों की संख्या में लोगों ने इस पर कमेंट किए और वीडियो को आगे बढ़ाया। एक्स पर यूजर सचिन गुप्ता ने लिखा कि यूपी में प्रदूषण कैसे कंट्रोल होता है। कृत्रिम बारिश से यंत्रों को एयर क्वालिटी ठीक दिखे और कागजों में पूरा शहर क्लीन रहे। उनकी पोस्ट पर लोगों ने लगातार कमेंट किए।
