स्वास्थ्य विभाग में एक नाम से एक्सरे टेक्नीशियन पद पर 6 लोगों की नियुक्ति की खबर प्रकाशित होने के बाद मुरसान सीएचसी पर तैनात अर्पित सिंह का आगरा में रहने वाला परिवार सामने आया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके बेटे की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया सही है। विभाग की हर जांच के लिए वो तैयार हैं। कई साल पहले भी विभाग ने जांच कराई थी जिसमें सब सही पाया गया था।शाहगंज के प्रताप नगर निवासी अनिल कुमार सिंह एक साल पहले एसएन मेडिकल काॅलेज से ऑपरेशन टेक्नीशियन के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। सी-22 प्रतापनगर शाहगंज में परिवार के साथ करीब 27 वर्ष से रह रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग में एक अर्पित सिंह नाम से छह फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आने के बाद शुक्रवार को अर्पित के घर अमर उजाला की टीम पड़ताल के लिए पहुंची। वहां अर्पित के माता-पिता व अन्य परिजन मिले। पिता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बेटा अर्पित इस समय हाथरस के मुरसान में तैनात है। शामली, रामपुर, फर्रुखाबाद, बांदा, बलरामपुर और बदायूं में कौन अर्पित कार्यरत है उनकी नियुक्ति कैसे हुई। इस बारे में हम नहीं जानते।
इस तरह की जांच पहले भी एक बार विभाग करा चुका है। उसमें बेटे की नियुक्ति को सही पाया था, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि जांच कितने साल पहले हुई थी।स्वास्थ्य विभाग में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के जरिये 2016 में एक्सरे टेक्नीशियन की भर्ती हुई थी। भर्ती में चयनित 403 टेक्नीशियनों की अलग-अलग जिलों के अस्पतालों के लिए तैनाती सूची जारी हुई। इसी सूची के आधार पर सभी के नियुक्ति आदेश जारी हुए। उस सूची में सिर्फ एक अर्पित सिंह का नाम है।
क्रमांक 80 पर रजिस्ट्रेशन क्रमांक 50900041299 पर अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह, जन्मतिथि 12 जून 1989 और तैनाती स्थल मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय हाथरस दर्ज है। वह फिलहाल सीएचसी मुरसान में कार्यरत हैं। मानव संपदा पोर्टल पर अर्पित सिंह के नाम, पिता के नाम और जन्मतिथि पर 6 लोग नौकरी कर रहे हैं। उनमें से चार का स्थायी पता एक ही है, दो के पते अलग हैं। इन 6 के नाै साल नौकरी करने के बाद भी विभाग बेखबर है। अब इन 6 में से पांच की नियुक्तियों के फर्जी होने की चर्चा है। विभागीय जांच के बाद ही असली नकली की पहचान हो सकेगी।
