
कोर्ट प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : एएनआई
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पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधी मुनीर मेहताब के सबसे करीबी दोस्त एएमयू के पूर्व छात्र आशुतोष मिश्रा की रिहाई का रास्ता साफ हो रहा है। दस वर्ष से जेल में निरुद्ध आशुतोष मिश्रा के अलीगढ़ से संबंधित सभी दस मुकदमों में रिहाई का परवाना तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। अब दिल्ली से संबंधित दो मुकदमों में जमानती प्रक्रिया के बाद उसकी रिहाई हो सकेगी। बता दें कि वाराणसी जेल में बीमारी से मृत मुनीर व दिल्ली तिहाड़ जेल में निरुद्ध आशुतोष बेहद करीबी दोस्त थे। यहां एएमयू में छात्रों की गुटबाजी के चलते दोनों जरायम की दुनिया में पहुंच गए थे।
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अक्तूबर 2014 में सिविल लाइंस इलाके में कारोबारी फहद की हत्या में एएमयू के पूर्व लॉ छात्र (उस समय छात्र) आशुतोष मिश्रा निवासी पुष्पराज चौराहा, सिविल लाइंस, फैजाबाद (अयोध्या) की गिरफ्तारी हुई थी। तब से वह जेल में है। उस समय उजागर हुआ कि यह हत्या उसने मुनीर आदि के संग मिलकर रोडरेज में की थी। इससे पहले आशुतोष पर अब्दुल कादिर पर हमला, तल्हा पर हमला व मारपीट आदि के कुछ मुकदमे दर्ज थे। बाद में एनआईए डीएसपी तंजील अहमद दंपती हत्याकांड के बाद जब मुनीर गिरफ्तार हुआ तो खुलासा हुआ कि इन दोनों ने शहर के बन्नादेवी व सिविल लाइंस इलाके में 32 और 35 लाख रुपये की दो लूट के अलावा दो पिस्टल भी लूटी थीं।
जेल से आशुतोष के कहने पर एएमयू छात्र आलमगीर की हत्या की गई। इस तरह आशुतोष पर हत्या के दो मुकदमों सहित अलीगढ़ में कुल दस मुकदमे चार्जशीट हुए। इसके अलावा, एक सिपाही की हत्या व एक लूट का मुकदमा दिल्ली में फहद हत्याकांड के बाद फरारी के दौरान दर्ज हुआ था।
चूंकि, फहद की हत्या के बाद से आशुतोष दिल्ली तिहाड़ में जेल में बंद है। यहां उसके अधिवक्ता व परिवारीजनों द्वारा पैरोकारी की जा रही है। जनवरी 2023 में अलीगढ़ में दर्ज हत्या के दोनों मुकदमों में वह बरी हुआ। फरवरी में अब्दुल कादिर पर हमले में उसे राहत मिली। इसके अलावा अन्य मुकदमों में उसे जमानत दी गई है। इस तरह अलीगढ़ के सभी मुकदमों के संबंध में उसका रिहाई परवाना दिल्ली तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। मगर अभी दिल्ली के मुकदमों में निर्णय होने तक रिहाई नहीं होगी।
