नए साल 2026 में गुरु का व्यापक प्रभाव रहेगा। अंग्रेजी वर्ष का शुभारंभ बृहस्पतिवार से है। विक्रम संवत 2083 भी बृहस्पतिवार से शुरू होगा। नव संवत्सर के राजा गुरु होंगे। ज्योतिष विद्वानों के अनुसार, नववर्ष में गुरु का प्रभाव होना सौभाग्य एवं समृद्धि का शुभ संकेत है।

अंग्रेजी वर्ष 2026 का पहला दिन बृहस्पतिवार को है। संयोग है कि वर्तमान वर्ष 2025 का भी पहला दिन बृहस्पतिवार था। वहीं, नव संवत्सर 19 मार्च बृहस्पतिवार से शुरू होगा। आचार्य सुबोध शास्त्री के अनुसार, विक्रम संवत 2083 के राजा गुरु एवं मंत्री मंगल होंगे। गुरु का प्रभाव होने से सौभाग्य, समृद्धि और व्यापार में प्रगति होगी।

देव गुरु बृहस्पति का राजा होना मीन व धनु राशि के जातक के लिए बहुत शुभ है। इन दोनों राशियों पर गुरु की कृपा रहेगी। कन्या राशि के जातक के लिए राजयोग बनेगा। तुला, सिंह, कुंभ, कर्क, मेष, मकर राशि के जातक के लिए आर्थिक प्रगति की व्यापक संभावनाएं रहेंगी। वृश्चिक राशि के जातक सावधानी बरतें।

वृष राशि के जातक को यात्रा लाभ मिलेगा। मिथुन राशि के जातक शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति करेंगे। उनके अनुसार एक जून को गुरु कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जो सभी के लिए कल्याणकारी होगा। उनके अनुसार, वर्ष 2026 में 23 अप्रैल, 21 मई एवं 18 जून को गुरु पुष्य योग रहेगा। इधर, ज्योतिषविद् रजनी दीक्षित के अनुसार, एक जनवरी को गुरु प्रदोष व्रत है। भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं।



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