मैं घर के अंदर ही थी। दोनों बच्चे भी खेल रहे थे। अचानक लोग आए। दरवाजा खोलकर अंदर आने की कोशिश करने लगे। कुर्सियां फेंक रहे थे। थोड़ी देर में ही पथराव भी होने लगा। इससे बच्चे सहम गए। वह अंदर के कमरे में चले गए। इससे 1 घंटे तक दहशत में रहे। मगर, उसका सामना किया। बच्चों को भी समझाया। सरकार सुरक्षा के दावे कर रही है। वहीं दूसरी तरफ महिलाएं घर में भी सुरक्षित नहीं हैं। यह कहा, राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन की पुत्रवधू प्रियंका सुमन का। वह पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रही थीं।
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अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को प्रियंका सुमन से बातचीत की। वह सांसद पुत्र रणजीत सुमन की पत्नी हैं। रणजीत जलेसर विधानसभा से पूर्व विधायक हैं। उन्होंने (प्रियंका) कहा कि विरोध का यह तरीका ठीक नहीं है। उपद्रवी घर तक आ गए। वह कुछ भी कर सकते थे। बुधवार को मैं और 2 बच्चे ही घर में थे। पति बाहर कार्यकर्ताओं के साथ थे, तभी भीड़ ने हमला किया। बच्चे बुरी तरह से डर गए थे। इसलिए बच्चों को अंदर के कमरे में ले गए। कुछ देर के लिए दहशत रही। अगर, भीड़ अंदर आ जाती तो उनके साथ कुछ भी हो सकता था। बाद में पुलिस आई। तब उपद्रव करने वाले चले गए। उन्होंने कहा कि जब सांसद परिवार पर हमला किया जा रहा है तो आम लोग कैसे सुरक्षित रह सकते हैं। सरकार महिला सुरक्षा के दावे कर रही है।