नोएडा से लखनऊ जा रहे एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शुक्रवार देर रात गोमती एक्सप्रेस में सफर के दौरान तबीयत बिगड़ गई। इटावा से ट्रेन आगे बढ़ने पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। फफूंद स्टेशन पर जीआरपी ने उन्हें उपचार के लिए दिबियापुर सीएचसी में भर्ती कराया, वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लखनऊ के मोहल्ला आलमबाग निवासी मानवेंद्र सिंह (49) नोएडा की एक निजी कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर तैनात थे। शुक्रवार की रात वह गोमती एक्सप्रेस से लखनऊ स्थित अपने घर जा रहे थे। ट्रेन जैसे ही इटावा से आगे बढ़ी, मानवेंद्र की हालत अचानक बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गए।
सूचना मिलते ही फफूंद स्टेशन पर जीआरपी मुस्तैद हो गई। रात करीब सवा दस बजे ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही उन्हें तत्काल एंबुलेंस के जरिये दिबियापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टर ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस को मृतक की जेब से मिले पहचान पत्र के जरिये उनके पते की जानकारी हुई, इसके बाद लखनऊ में उनके परिजन को सूचना दी गई।
शनिवार को रोते-बिलखते पिता और पत्नी दीप्ति औरैया पहुंचे। मानवेंद्र अपने पीछे दो बेटों और पत्नी का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, प्राथमिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है। जीआरपी चौकी प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन के सुपुर्द कर दिया गया था।
