
-किशनी में सब फायर स्टेशन पर नकली खाद मिलने के बाद कमरा सील करते एडीओ कृषि।
किशनी। रविवार को अग्निशमन विभाग के भवन में पकड़ी गई नकली डीएपी का मामला अधिकारियों की मनमानी के चलते ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है। किसी अधिकारी के तहरीर न देने पर मामले को दबाने की चर्चाएं हो रही हैं। अधिकारी गेंद एक दूसरे के पाले में फेंक रहे हैं। इससे चर्चाओं को बल मिलता जा रहा है।
रविवार की देर शाम देर शाम अग्निशमन विभाग के नवीन भवन में फायर सर्विस के सिपाहियों के पहुंचने पर खाद रखी होने का पता चला था। तहसीलदार घासीराम, थानाध्यक्ष महाराज सिंह भाटी व एडीओ कृषि नरेश राठौर को मौके पर सस्ती ब्रांड समृद्धि की बोरियों से डीएपी की 109 बोरियों में रिपैकेजिंग मिली थी। एडीओ कृषि ने खाद रखे हुए कमरों को सील कर एक टाटा मैजिक, एक पिकअप व चालक को पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया था।
सोमवार को पूरे दिन थाने पर तहरीर का इंतजार होता रहा लेकिन कृषि विभाग का कोई अधिकारी तहरीर देने नहीं आया। इसके चलते पुलिस ने मौके से पकड़े गए चालक को दोपहर में छोड़ दिया। भाजपा नेता आदेश गुप्ता, बॉबी भदौरिया, राजा दुबे, पारस गुप्ता, राघव चौहान थाने पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों पर सांठगांठ कर मामले को दबाने के आरोप लगाए।
जिला कृषि अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह ने बताया कि पकड़ी गई खाद को पुलिस ने सील करके अपनी सुपुर्दगी में लिया है। इसलिए पुलिस स्वयं कार्रवाई करे। पुलिस को सील करने का पॉवर है इसलिए कृषि विभाग का इसमें कोई रोल नहीं है।
एसडीएम गोपाल शर्मा ने बताया कि मामले में खाद के असली और नकली होने की जांच चल रही है। मौके पर औरैया जनपद के नंबर का वाहन मिला है। प्रथम दृष्टया लग रहा है कि खाद को कहीं और खपाने की तैयारी थी। जांच कर नियमानुसार कार्रवाई होगी। थानाध्यक्ष महाराज सिंह भाटी ने बताया कि कृषि विभाग की तरफ से तहरीर आने पर मुकदमा दर्ज कर संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
