
अयोध्या के रामलला।
– फोटो : amar ujala
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श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मोत्सव समारोह में शुक्रवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि जनवरी 2024 तक रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कर देंगे। उन्होंने नेपाल व देश के कोने-कोने से पहुंचे धर्माचार्यों को मंदिर निर्माण की प्रगति से अवगत कराते हुए कहा कि अगले दो सालों में मंदिर के शिखर पर पताका लहराने लगेगी।
बताया कि रामलला की जिस अचल मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है, उसका निर्माण अयोध्या में शुरू कर दिया गया है। मूर्ति निर्माण स्थल पर जनता का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। मंदिर के प्रथम तल पर रामदरबार की स्थापना होगी, जबकि दूसरे तल को खाली छोड़ा जाएगा। मंदिर के चारों ओर आयताकार दीवार (परकोटा) बनाया जा रहा है। परकोटा 14 फीट चौड़ा व 800 मीटर लंबा है।
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कहा कि वैष्णव धर्म में श्रीराम पंचायतन की मान्यता है। इसलिए परकोटे के चारों कोने पर भगवान सूर्य, माता भगवती, गणपति व शंकर के मंदिर स्थापित होंगे। गर्भगृह में भगवान विष्णु के रूप में श्रीरामलला की स्थापना होगी। मंदिर के उत्तर व दक्षिण में हनुमान व अन्नपूर्णा का मंदिर स्थापित होगा। बताया कि परकोटे के बाहर रामकथा के पात्रों के सात मंदिर बनेंगें। कुबेर टीला पर जटायु का मंदिर प्रस्तावित है।
आत्मनिर्भर होगा रामजन्मभूमि ट्रस्ट
चंपत राय ने बताया कि श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट आत्मनिर्भर होगा। ट्रस्ट की अपनी व्यवस्थाएं होंगी। बिजली के लिए पावर स्टेशन की स्थापना की जा रही है। परिसर में हर रोज करीब दो लाख लीटर पेयजल की आवश्यकता होगी, इसकी व्यवस्था भी करने के लिए प्लांट लगाए जा रहे हैं। अग्निशमन केंद्र की स्थापना की जा रही है। भक्तों की सुविधा के लिए 25 हजार की क्षमता वाला सुविधा केंद्र बनाया जा रहा है।
