रामनगरी अयोध्या के धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद निर्माण की योजना अब तक एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है। मस्जिद का नक्शा पास कराने के लिए आवेदन करने की तैयारी अभी तक पूरी नहीं हुई है। अब मस्जिद ट्रस्ट नक्शा दाखिल करने की प्रक्रिया को मार्च के अंत तक पूरा करने की बात कह रहा है।
ट्रस्ट के अनुसार मस्जिद के नाम में परिवर्तन कर अब इसे मोहम्मद साहब के नाम से बनाया जाएगा। जिसमें कम्युनिटी किचन सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लाइब्रेरी, म्यूजियम आदि का प्रोजेक्ट भी जोड़ा गया है, लेकिन पहले मस्जिद का निर्माण शुरू करने पर सहमति बनी है।
मस्जिद निर्माण के लिए ट्रस्ट को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर धन्नीपुर में पांच एकड़ भूमि आवंटित की गई है, लेकिन आवंटन के कई वर्षों बाद भी नक्शा पास कराने की योजना कागजों में ही सिमटी है। दूसरी ओर राम जन्मभूमि परिसर में भव्य मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और वहां नियमित धार्मिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
मस्जिद ट्रस्ट के अध्यक्ष जुफर अहमद फारूकी ने बताया कि नक्शा दाखिल न हो पाने का मुख्य कारण तकनीकी और आंतरिक प्रक्रियाओं में देरी होना है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मार्च के अंत तक नक्शा विकास प्राधिकरण के समक्ष दाखिल कर दिया जाएगा। इसके बाद ही मस्जिद निर्माण की दिशा में ठोस कदम बढ़ पाएगा।
अब नए सिरे से बन रहा निर्माण का प्लान
उन्होंने बताया गया है कि मस्जिद के निर्माण को लेकर जब मुस्लिम समाज का सहयोग नही मिला, तब पिछले वर्ष मुंबई के करीब 150 मुस्लिम मौलानाओं, व्यवसाइयों और प्रमुख लोगो की बैठक में कई परिवर्तन करने के सुझाव पर सहमति बनी थी। उसी के मुताबिक परिवर्तन कर नए सिरे से मस्जिद के निर्माण का प्लान बनाया जा रहा है।
सुझाव के बाद जो मुख्य परिवर्तन हुए हैं उनमें विदेशी पैटर्न पर बने नक्शे की जगह अवध कल्चर की गुंबदनुमा डिजाइन पर मस्जिद बनवाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मस्जिद बनने के बाद हॉस्पिटल, किचन और लाइब्रेरी आदि का निर्माण भी होगा।
