श्रीराम जन्मभूमि परिसर के अन्य उप मंदिरों को खोलने की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी के पहले सप्ताह से सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं को दर्शन मिलने लगेगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इन उप मंदिरों में दर्शन के लिए पास सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कंप्यूटर आधारित प्रोग्रामिंग तैयार की जा रही है।
इस पूरी योजना पर 23-24 जनवरी को होने वाली राम मंदिर भवन निर्माण समिति की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट की प्रस्तावित योजना के तहत राम मंदिर परिसर में स्थित सभी 14 उप मंदिरों में सीधे प्रवेश की जगह पास के जरिये दर्शन कराए जाएंगे। यह पास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जारी किए जाने की संभावना है। पास में समय और स्थान तय होगा, जिससे एक साथ अधिक भीड़ न जुटे।
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23-24 जनवरी को होने वाली राम मंदिर भवन निर्माण समिति की बैठक में दर्शन शुरू कराने पर मंथन किया जाएगा। बैठक में ट्रायल रन की रणनीति व श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े तकनीकी पहलू पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। सभी उप मंदिरों में दर्शन शुरू होने पर एक श्रद्धालु को पूरे परिसर में भ्रमण करने में दो से तीन घंटे लग जाएंगे, ऐसे में भीड़ नियंत्रण के लिए एक बार में कितने श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाए, इस पर अंतिम निर्णय होना है।
भीड़ नियंत्रण का बन रहा प्लान
– प्राण प्रतिष्ठा के बाद से रोजाना लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। उप मंदिरों में जगह सीमित होने के कारण अव्यवस्था और सुरक्षा जोखिम हो सकता है। श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना ट्रस्ट की प्राथमिकता है। कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के जरिये डाटा मॉनीटरिंग, स्लॉट मैनेजमेंट और लाइव काउंटिंग की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों को भी रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी।
