Ayodhya: At the behest of Pannu, Khalistan supporters had conspired to attack Ram temple

तीनों अपराधी हुए गिरफ्तार।
– फोटो : अमर उजाला

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अयोध्या की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश में बृहस्पतिवार को दबोचे गये तीन अपराधी विदेश में रहने वाले खालिस्तान समर्थक हरमिंदर सिंह लांडा और गुरवंत सिंह पन्नू के इशारे पर अयोध्या की रेकी कर रहे थे। तीनों को एटीएस ने गहन पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है, जिनमें गैंगस्टर शंकरलाल दुसाद और उसके साथी अजीत कुमार शर्मा व प्रदीप पुनिया शामिल हैं। तीनों राजस्थान के सीकर के रहने वाले हैं। शंकर लाल के खिलाफ राजस्थान में सात मुकदमे भी दर्ज हैं।

डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि एक गैंगेस्टर अपने कुछ साथियों के साथ सड़क मार्ग से श्रीराम जन्मभूमि, अयोध्या आ रहा है। स्कार्पियो गाड़ी से अयोध्या में राम जन्मभूमि की रेकी कर रहे तीनों अपराधियों को होटल त्रिमूर्ति के पास से दबोच लिया गया। पूछताछ पर शंकरलाल दुसाद ने बताया कि विदेश में रह रहे खालिस्तान समर्थक हरमिंदर सिंह उर्फ लांडा ने मुझे निर्देश दिया था कि गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कहा है कि अयोध्या जाकर वहां रेकी कर नक्शा भेजे। 

उसके निर्देश पर घटना का अंजाम दिया जाएगा, जिसकी सामग्री आदि उपलब्ध करा दी जाएगी । इसलिए हम अपने वाहन में श्रीराम का झंडा लगाकर रेकी कर रहे थे, जिससे हम पर किसी का शक न हो। तीनों के खिलाफ एटीएस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। बता दें कि तीनों की गिरफ्तारी के बाद बृहस्पतिवार को प्रतिबन्धित संगठन सिक्ख-फॉर-जस्टिस के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इनको अपने संगठन का सदस्य बताते हुए एक ऑडियो भी प्रसारित किया है। एटीएस इस ऑडियो की जांच भी कर रही है।

जेल में रहने के दौरान खालिस्तान समर्थकों से मिला

शंकरलाल ने बताया कि सेंट्रल जेल बीकानेर में उसकी मुलाकात कैदी लखबिंदर से हुई थी। उसने शंकरलाल से कहा था कि मेरे भांजे पम्मा से मिल लेना। जेल से बाहर आने पर पम्मा ने उसे कनाडा में रह रहे खालिस्तान समर्थक गैंगस्टर सुखबिंदर गिल उर्फ सुखडोल सिंह गिल उर्फ सुक्खा का नंबर दिया। इसके बाद शंकर लाल की सुखबिंदर से व्हाट्सएप पर बात होने लगी। सुक्खा कहता था कि तुम्हारे गैंग के लोगों एवं खालिस्तानी समर्थकों की हत्या में गैंगस्टर लारेंस विश्नोई का हाथ है। तुम बदला लेने में हम लोगों की मदद करो। हालांकि सितंबर 2023 में कनाडा में सुक्खा की हत्या हो गयी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि शंकरलाल कुख्यात गैंगस्टर राजेन्द्र जाट उर्फ राजू ठेहट का करीबी रहा है। गैंगवार में राजू ठेहट के मारे जाने के बाद गैंग का संचालन शंकरलाल ही कर रहा था। उसने अवैध रूप से धन अर्जित करके दूसरों नामों से मेघालय माइनिंग एवं राजस्थान में ट्रांसपोर्ट का कार्य भी किया है। अपने दोनों साथियों को वह मदद करने के लिए अयोध्या लाया था।

सात मुकदमे हैं दर्ज

शंकरलाल के खिलाफ वर्ष 2007 से वर्ष 2014 के बीच सात मुकदमे राजस्थान में दर्ज हैं। ये मुकदमे मारपीट, फायरिंग करने, शराब तस्करी, हवाला लूट, बीकानेर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रामकृष्ण सिहाग की हत्या, बीकानेर सेंट्रल जेल में बलवीर बानूडा की हत्या की साजिश रचने और आर्म्स एक्ट के मामले में दर्ज किए गये थे। वह मार्च 2016 से 15 मई 2023 तक सेंट्रल जेल बीकानेर में रहने के बाद जमानत पर छूटकर आया था।

ये हुई बरामदगी

शंकरलाल के पास दो अलग-अलग नाम के आधार कार्ड बरामद किए गये हैं। इसके अलावा फर्जी पते पर लिया गया सिम कार्ड मिला है। यह सिम कार्ड उसने सीकर निवासी धर्मवीर महाला के नाम-पते पर लिया गया था। वहीं बरामद स्कार्पियो गाड़ी के पंजीकरण दस्तावेज शंकरलाल के नाम पर हैं, जबकि वाहन पोर्टल पर देखने पर इसका पंजीकरण फरीदाबाद निवासी श्रवण कुमार सरसवा के नाम पर पाया गया।

 



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