रामनगरी अयोध्या में गुप्तार घाट अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि रामायणकालीन आस्था और आधुनिक पर्यटन के समन्वय का जीवंत प्रतीक बनता जा रहा है। गुप्तार पार्क को भी नए स्वरूप में संवारा जा रहा है। यहां विकसित की जा रही झील, हरित लैंड स्केपिंग और आधुनिक सुविधाएं श्रद्धालुओं और पर्यटकों को त्रेता युग की अनुभूति के साथ प्रकृति के सान्निध्य में ठहरने का अवसर देंगी।

राजकीय उद्यान विभाग की ओर से 842.26 लाख रुपये की लागत से कंपनी गार्डन क्षेत्र में कृत्रिम झील सहित व्यापक विकास कार्य कराया जा रहा है। राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड की ओर से संचालित यह परियोजना मई तक पूरी होने की संभावना है। इसके पूरा होते ही यहां का दृश्य ऐसा होगा, मानो त्रेता युग की दिव्यता आधुनिक स्वरूप में साकार हो उठी हो, जहां हर कोना रामकथा की स्मृतियों से जुड़ा प्रतीत होगा।

राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड के सहायक अभियंता संजय सिंह के अनुसार वर्तमान परियोजना में कृत्रिम झील मुख्य आकर्षण होगी। यह झील न केवल सौंदर्य बढ़ाएगी, बल्कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को योग, ध्यान और आत्मिक शांति का विशेष अनुभव देगी। पार्क में बाउंड्री वॉल पुट्टी, पाथवे का निर्माण प्रगति पर है। 

कार्यालय, गार्ड रूम, टिकट काउंटर, मीटर रूम एवं शौचालयों में फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। स्थल विकास, लैंडस्केपिंग और विद्युतीकरण का कार्य भी तेजी से हो रहा है। झील के आरसीसी वॉल एवं ब्रिज का निर्माण प्रगति पर है। फाउंटेन और कैंटीन की मरम्मत की जा रही है।

जिला उद्यान अधिकारी अरुण तिवारी ने बताया कि यह परियोजना गुप्तार पार्क को आधुनिक सुविधाओं से युक्त आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रही है। बेहतर पाथवे, आकर्षक लाइटिंग, योग केंद्र, शेड और हरित क्षेत्र और भी आकर्षक बनाएंगे। आने वाले समय में यह पार्क श्रद्धालुओं को त्रेता युग की अनुभूति प्रदान करेगा।



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