
रामजन्मभूमि परिसर में जारी राममंदिर का निर्माण कार्य।
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राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक के तीसरे दिन निर्धारित समय सीमा के अनुसार कार्य पूरा करने पर चिंतन-मंथन हुआ। समिति व राम मंदिर ट्रस्ट के समक्ष मजदूरों की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। इसके चलते राममंदिर निर्माण का काम निर्धारित समय सीमा से तीन माह पीछे चल रहा है। अब राममंदिर समेत परकोटा के निर्माण की नई समय सीमा सितंबर 2025 तय की गई है।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि श्रमिकों की संख्या कम होने से काम प्रभावित हो रहा है। 200 श्रमिक कम हैं। जून 2025 तक सभी काम पूरा करने का लक्ष्य अब पूरा होता नहीं दिख रहा है। तीन माह और लगेगा। हालांकि मंदिर समेत सभी परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। मंदिर के दूसरे तल व शिखर का काम चल रहा है। जबकि परकोटा, सप्त मंडपम व शेषावतार मंदिर के भी निर्माण का काम हो रहा है। परकोटे में 8़ 5 लाख क्यूबिक लाल पत्थर की आवश्यकता है। अभी दीपावली और छठ पर्व पर छुट्टी गए श्रमिक वापस नहीं लौटे हैं। इससे मंदिर निर्माण की गति प्रभावित हो रही है।
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि परिसर में श्रद्धालुओं के लिए जूते-चप्पल रखने के लिए स्थान चयनित कर लिया गया है। इस स्थान पर एक भवन का निर्माण इसी सप्ताह शुरू कर दिया जाएगा। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, निर्माण प्रभारी गोपाल राव, आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा सहित कार्यदायी संस्था के इंजीनियर मौजूद रहे।
