Ayodhya: Pran Pratishtha may happen till 22 January.

अयोध्या का भव्य राम मंदिर।
– फोटो : amar ujala

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श्रीराम जन्मभूमि परिसर में राममंदिर समेत 18 मंदिरों का निर्माण हो रहा है। राम मंदिर के प्रथम तल का काम लगभग पूर्ण हो चुका है। वहीं द्वितीय तल का निर्माण चल रहा है। राममंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना की जानी है। राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा भी 22 जनवरी के आसपास कराए जाने की योजना है। इसी तिथि पर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी।

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प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना के लिए मूर्तियों का निर्माण जयपुर राजस्थान में चल रहा है। सफेद संगमरमर के पत्थर पर इन मूर्तियों को आकार देने का काम किया जा रहा है। राम दरबार के श्रीविग्रह की ऊंचाई करीब 4.5 फीट होगी। राम दरबार के लिए श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान, भरत व शत्रुघ्न की मूर्ति गढ़ी जा रही है। इसी तरह परिसर में सप्त मंडपम की स्थापना की जा रही है जिसमें श्रीराम के समकालीन सात पात्रों के मंदिर निर्मित किए जा रहे हैंं। इनमें से दो मंदिरों का काम 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जबकि तीन मंदिरों का काम 40 से 50 फीसदी पूरा हुआ है जबकि दो मंदिरों के निर्माण की अभी शुरुआत हुई है। सप्त मंडपम में प्रतिष्ठित होने वाली मूर्तियों का महत्व इसलिए बड़ा है क्योंकि वह रामायण काल में भगवान राम के सहचर रहे हैं।

पिछले दिनों राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने एक बयान में कहा था कि सप्त मंडपम के सभी मंदिरों व रामदरबार की मूर्तियों के निर्माण का काम नवंबर के अंत या दिसंबर के पहले सप्ताह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद ट्रस्ट को तय करना है कि उनकी प्राण प्रतिष्ठा कब की जाएगी। उम्मीद है कि मूर्तियों की प्रतिष्ठा जनवरी में ही की जाएगी। ट्रस्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रथम तल पर राम दरबार का प्रतिष्ठा पूजन 22 जनवरी 2025 के ही आसपास करने की तैयारी है। इसी तिथि पर सप्त मंडपम के मंदिरों में भी मूर्तियों की स्थापना का विचार है।

22 जनवरी को मनेगा प्राणप्रतिष्ठा का वार्षिकोत्सव

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ही नहीं राम भक्तों के लिए भी 22 जनवरी 2024 की तिथि बहुत महत्वपूर्ण है। राममंदिर ट्रस्ट की ओर से इस तिथि पर वार्षिकोत्सव का आयोजन पूरी भव्यता से करने की तैयारी है। 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। भारत व अयोध्या के इतिहास में यह तिथि महत्वपूर्ण है। इसलिए इस तिथि पर एक भव्य उत्सव की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। हालांकि अभी तक इसका स्वरूप सामने नहीं आया है।



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