– बारिश में नमी की वजह से बढ़ा इम्पेटिगो का हमला, बड़े भी आ रहे चपेट में, एक-दूसरे में तेजी से फैलता है संक्रमण

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। बारिश के सीजन में इन दिनों जीवाणु संक्रमण (बैक्टीरियल इंफेक्शन) इम्पेटिगो का हमला तेज हो गया है। जिन बच्चों को ये संक्रमण हो रहा है, उनकी त्वचा तक उखड़ जा रही है। तेज दर्द से बच्चे कराह उठते हैं। एक व्यक्ति को ये संक्रमण होने पर घर के दूसरे सदस्यों में भी फैल जाता है। त्वचा रोग विशेषज्ञों के पास रोजाना 20 से 25 मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं।

इम्पेटिगो एक से 12 साल तक के बच्चों में होने वाला आम जीवाणु त्वचा संक्रमण है। यह फफोले या घाव पैदा कर सकता है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतीक शिवहरे ने बताया कि अगर शुरुआत में ही इलाज करा लिया जाए तो ये एंटीबायोटिक दवाओं से एक सप्ताह में ठीक हो जाता है। मगर इलाज में देरी करने पर स्थिति गंभीर हो जाती है। उन्होंने बताया कि इस संक्रमण में शुरुआत में त्वचा पर पानी जैसे फफोला बनते हैं। कुछ समय बाद यह फट जाता है और त्वचा पर शहद जैसी पपड़ी बन जाती है। इसका आकार तेजी से बढ़ता है। फिर ये शरीर के अन्य हिस्सों में तेजी से फैलने लगता है।

चूंकि, ये संक्रामक रोग है। ऐसे में एक से दूसरे व्यक्ति को भी हो जाता है। इस बीमारी में असहनीय दर्द होता है। कई मरीज तो रात में दर्द की वजह से सो तक नहीं पाते हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों रोजाना आठ से 10 बच्चे इस संक्रमण का इलाज कराने आ रहे हैं। वहीं, 12 से 15 बड़े लोग भी दिखाने आ रहे हैं।

वहीं, मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश के दिनों में नमी होती है। ऐसे में त्वचा पर बैक्टीरिया नमी की वजह से हमला कर देता है। इस सीजन में ये संक्रमण सबसे ज्यादा हमलावर होता है। अधिकतर नाक, आंख, मुंह के पास ये संक्रमण तेजी से फैलता है। जब बड़े लोगों में ये संक्रमण होता है, तो फोड़ा बन जाता है। उन्होंने बताया कि इन दिनों ओपीडी में 25 से 30 मरीज इलाज कराने आ रहे हैं। इसमें 50 फीसदी तो बच्चे होते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान ………………………. – साफ-सफाई का ध्यान रखें

– बच्चों को गर्मी, नमी और उमस से बचाएं

– बच्चों को साफ-सुथरे और ढीले कपड़े पहनें

– बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए योग, व्यायाम कराएं

– बच्चों को फास्ट फूड की जगह हरी सब्जियां, फल खिलाएं

– संक्रमण होने पर केमिस्ट से दवा लेकर न खाएं, डॉक्टर को दिखाएं

फंगल इंफेक्शन के भी 50 फीसदी मरीज आ रहे

बैक्टीरियल के साथ-साथ इन दिनों फंगल इंफेक्शन भी लोगों को खूब परेशान कर रहा है। डॉ. प्रतीक ने बताया कि ओपीडी में 50 फीसदी मरीज तो फंगल इंफेक्शन के ही आ रहे हैं। इस बीमारी में जांघ, कमर समेत शरीर के विभिन्न हिस्सों पर गोल चकत्ते हो जाते हैं। इलाज न कराने पर धीरे-धीरे संक्रमण पूरे शरीर में फैल जाता है। खुजली, जलन से लेकर खुजलाते-खुजलाते खून तक आ जाता है। परिवार के परिवार चपेट में आ रहा है।



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