Loot in a businessman's house in Bahraich.

वारदात में घायल हुआ बताशा व्यवसाई।
– फोटो : amar ujala

विस्तार


बहराइच जिले के कैसरगंज के मशहूर पानी-बतासा व्यवसाई के घर शुक्रवार की रात हथियार बंद डकैतों ने धावा बोला। डकैतों ने व्यवसाई पर लोहे की राड से हमला कर उसे लहूलुहान कर बंधक बना लिया। इसके बाद बेटे को दागने की धमकी देकर घर में मौजूद परिजनों को कमरे में बंद कर डकैती को अंजाम दिया। डकैत घर में रखा एक लाख पांच हजार रुपए और चार लाख के आभूषण उठा ले गए। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। सूचना पर दल बल के साथ पहुंचे कोतवाल राजनाथ सिंह ने मौके पर जांच पड़ताल की और आसपास गस्ती दल को भेजा।

कैसरगंज कोतवाली के कसेहरी खुर्द निवासी मुंशीलाल (50) कैसरगंज तहसील क्षेत्र के मशहूर बताशा व्यवसाई हैं। वहीं वह घर पर थोक व फुटकर किराने की दुकान का संचालन करते हैं। शुक्रवार की रात वह परिवार समेत खाना खाने के बाद सो रहे थे। इसी दौरान रात लगभग सवा बारह बजे हथियार बंद छह डकैतों ने उनके घर पर धावा बोला। घर के बाहर पत्नी के साथ सो रहे मुंशीलाल को डकैतों ने बंधक बना लिया और उनके सिर पर लोहे की राड से हमला कर दिया।

ये भी पढ़ें – घोसी उपचुनाव के बाद सपा के निशाने पर राजभर, कार्यालय के बाहर लगाया होर्डिंग

ये भी पढ़ें – घोसी उपचुनाव परिणाम: ‘पीडीए’ के प्रयोग, इंडिया का समर्थन और परिवार की एकजुटता ने सपा की आसान की राह

मां के रोने की आवाज सुनकर घर के अंदर सो रहे बेटे मनीष कश्यप ने दरवाजा खोला तो उसे भी पीटने का प्रयास किया। डकैतों ने घर में मौजूद सभी के हाथ बांधकर उन्हें बंधक बना लिया और फिर डकैती को अंजाम दिया। पीड़ित मुंशीलाल ने बताया कि किराना दुकान में रखे 55000 रुपए व घर में रखी 50 हजार की नगदी उठा ली साथ ही उनकी पिटाई कर जबरन जानकारी लेकर कमरों व आलमारी में रखे महिलाओं के लगभग चार लाख के आभूषण उठा ले गए।

डकैतों ने महिलाओं के गले में पहने आभूषण भी छीन लिए। डकैतों के जाने के बाद परिजनों ने डॉयल 112 पर इसकी सूचना दी। जिसके बाद डॉयल 112 पुलिस व कैसरगंज कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। पुलिस ने घायल मुंशीलाल को सीएचसी कैसरगंज में भर्ती करवाया।

रोते-रोते खुलवाया दरवाजा, सामने छह डकैत देख उड़ गए होश

बेटे मनीष कश्यप ने बताया कि मां और पिता बरामदे में सो रहे थे। वह उसकी छोटी बहन मोहिनी कश्यप व भाई आशुतोष कश्यप कमरे में सो रहे थे। रात में डकैतों ने पिता पर लोहे की राड से हमला करने के बाद मां से जबरन दरवाजा खुलवाने को कहा। मां ने रोते-रोते दरवाजा खोलने को कहा। पिता की तबियत खराब होने या फिर सांप आदि के काटने की आशंका में तत्काल दरवाजा खोला लेकिन दरवाजा खोलते ही पैरों तले जमीन खिसक गई। सामने पिता लहुलुहान खड़े थे और मां के साथ छह डकैत खड़े थे।

सभी डकैतों ने मुंह पर नकाब बांध रखा था और उनके हाथ में लोहे की राड और हथियार थे। जब तक कुछ समय पाते एक ने पीछे न हटने पर दागने की धमकी दी। जिसके बाद वह सभी सहम गए। डकैतों ने सभी के हाथ बांध दिए और कमरे में बंद कर दिया। डकैतों के जाने के बाद किसी तरह हाथ खोलकर पुलिस को सूचना दी। जिले के एसपी प्रशांत वर्मा का कहना है कि प्रकरण की जानकारी होते ही मौके पर पुलिस पहुंची थी। भागते समय चोरों की घेराबंदी भी की थी। पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *