
पार्थिव शरीर पहुंचा घर।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
बलिदानी अग्निवीर आर्मी जवान दिलीप निषाद का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को गुरघुट्टा गांव पहुंचने पर आसपास के क्षेत्रों से जुटी हजारों ग्रामीणों की आंखे नम हो गई। जनसैलाब कई किलोमीटर तक उमड़ा हुआ नजर आया और अपने कलेजे के टुकड़े के अंतिम दर्शन पाने को लोग व्याकुल दिखे। वहीं क्षेत्र के राजनीतिक, सामाजिक संगठनों के नेताओं सहित हर संप्रदाय का आदमी बलिदानी के दर्शन करने के साथ ही दुखी परिजनों को सांत्वना देते नजर आया।
गुरघुट्टा निवासी दिलीप दो साल पहले अग्निवीर भर्ती में चयनित हुआ था और उसकी वर्तमान तैनाती बांग्लादेश सीमा पर की गई थी। मंगलवार की रात उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में हालत बिगडऩे पर मौत हो गई थी। जवान का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा गया। जहां हजारों लोगों ने अभिनंदन कर भारत माता के जयकारों से दिलीप निषाद अमर रहे के नारों के साथ उन्हें भावभीन श्रद्धांजलि अर्पित कर अंतिम संस्कार में सम्मिलित हुए।
पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने व अमर शहीद दिलीप निषाद को अपनी विदाई देने के समय पुरा गांव उमर पाड़ा हर किसी की आंखें नम थी अपने गांव के इस युवा होनहार आर्मी जवान को खोने का सभी को दुख था हर तरफ यही चर्चा थी की दिलीप इंटर पास करने के बाद से ही देश की सेवा के लिए फौज में भर्ती होने की प्रबल इच्छा रखते हुए उसने अग्नि वीर आर्मी में शामिल होने के लिए कठिन परिश्रम कर भर्ती पाई थी । उसका कुशल व्यवहार तथा अपने देश के प्रति अटूट प्रेम सभी को अश्रुपूरित कर रहा था ।
वही दिलीप की मां का रो रोकर बेसुध हो रही थी। भाई, बाबा तथा रिश्तेदारों को भी इस आकस्मिक निधन से रो-रो कर बुरा हाल था हर तरफ चीख पुकार की आवाज गूंज रही थी कि आखिर गांव का इतना होनहार बालक आज हम लोगों से अंतिम विदाई ले रहा है गांव को लोगों का कहना था कभी सपने में भी नहीं सोचा था की इतनी कम उम्र में ऐसे उसका पार्थिव शरीर हम लोगों के बीच आएगा।
