रोडवेज डिपो में एआरएम गोपीनाथ दीक्षित की कार्यशैली के विरोध में शुक्रवार को कर्मचारियों ने चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मियों का आरोप है कि एआरएम द्वारा लगातार मनमानी और शोषण किया जा रहा है, जिससे कर्मचारी मानसिक दबाव में काम करने को मजबूर हैं। इसी तनाव के बीच परिचालक विपिन कुमार शुक्ला की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश और बढ़ गया।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने एआरएम पर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बिना किसी स्पष्ट कारण के कर्मचारियों पर दबाव बनाया जाता है और अनुचित कार्रवाई की धमकी दी जाती है। इससे कार्य का माहौल खराब हो गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

कर्मचारियों के चक्का जाम के कारण डिपो से एक भी बस का संचालन नहीं हो सका। बसें खड़ी रहने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्री घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे जबकि कुछ को निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा। कर्मचारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने और कार्यस्थल पर शोषण की शिकायतों का समाधान करने की मांग की है।

बढ़ रहा है रोडवेज कर्मियों का आक्रोश

रोडवेज बस कर्मियों का आक्रोश बढ़ रहा है। सुबह से चल रहे चक्का जाम से यात्रियों को भी परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है। सुबह उन्हें निजी टैक्सियों का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।



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