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बनारसी साड़ी की डिमांड सात समुंदर पार से भी आती है। – फोटो : अमर उजाला
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ताने बाने पर तैयार जीआई उत्पाद में शामिल बनारसी साड़ी की बिक्री दुनिया भर में हो रही है। कारोबार की नजरिए से देखें तो सात समुन्दर पार तक बनारसी साड़ी की मांग है। पहले और अब में दोगुना का अंतर आया है।
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पिछले साल फर्म 761 थी तो इस साल फर्म की संख्या एक हजार पहुंच गई है। 600 करोड़ का सलाना कारोबार जीएसटी के आंकड़ों में दर्ज है। जीएसटी आंकड़ों पर गौर करें तो वित्तीय वर्ष 2023-24 में 597 करोड़ 15 लाख 96 हजार का बनारसी साड़ी कारोबार हुआ है। 965 फर्म की संख्या है।
जिले में जीएसटी के कुल 21 खंड से बनारसी साड़ी का कारोबार सबसे अधिक खंड तीन से हुआ है। जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 में 466 करोड़ 13 लाख 48 हजार का कारोबार हुआ था। पिछले साल फर्म की संख्या 761 थी। वहीं, साड़ी उद्योग से जुड़े लोगों ने बताया कि यह सिर्फ कागजों के आंकड़ों में है। जबकि बनारसी साड़ी कारोबार और चढ़ा है। जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने बताया कि जीआई उत्पाद में शामिल बनारसी साड़ी की मांग बढ़ती जा रही है। दक्षिण भारतीय से लेकर अब हर राज्य के लोगों की पसंद बन चुकी है।