अपनी तीन साल की बेटी की निर्मम हत्या करने और पत्नी पर जानलेवा हमला करने के बाद यमुना नदी में कूदने वाले डायल-112 के चालक सिपाही गौरव कुमार यादव का शव घटना के छठे दिन नदी में उतराता हुआ मिला। ग्रामीणों की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम और पुलिस ने शव को बाहर निकाला। शव पर वर्दी थी और फूल चुका था। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। वहीं सिपाही के ससुरालियों और पैतृक घर फर्रुखाबाद में परिजनों को सूचना दे दी गई है, हालांकि कानपुर निवासी ससुराल पक्ष के लोगों ने बांदा आने से इन्कार कर दिया है।
यह घटना 14 जनवरी की रात को हुई थी। फर्रुखाबाद जनपद के मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र के गढ़ कुइयां कूट गांव निवासी गौरव कुमार यादव, जो वर्तमान में मरका थाने में डायल-112 में चालक के पद पर तैनात था, अपनी पत्नी शिवानी (25) और तीन वर्षीय बेटी परी के साथ किराए के कमरे में रहता था। मरक संक्रांति पर लगा मेला पत्नी और बेटी दिखाने के बाद घर लौटा तो पत्नी शिवानी से विवाद हुआ था। पीटने के दौरान बेटी परी ने बीच-बचाव किया तो उस पर भी तबे से ताबड़तोड़ प्रहार कर बेटी की हत्या कर दी थी और पत्नी पर भी जानलेवा हमला किया था। वारदात को अंजाम देने के बाद गौरव कमरे में ताला लगाकर भाग निकला था।
हत्या के बाद गौरव कुमार यादव रात में ही मरका थाना क्षेत्र के असोथर गांव स्थित यमुना नदी पुल पर पहुंचा छा। उसने अपने दोनों मोबाइल फोन पुल पर रखे और नदी में छलांग लगा दी थी। तब से लगातार पुलिस और लखनऊ से आई एसडीआरएफ की टीम यमुना नदी में गौरव की तलाश कर रही थी।सोमवार की सुबह करीब 11:30 बजे यमुना नदी से घटनास्थल से करीब 400 मीटर की दूरी पर कुटी घाट कंडई नार के पास अपने खेत देखने गए किसान देशराज निषाद, छविनाथ और मुन्ना केवट ने नदी में एक शव उतराता हुआ देखा। उन्होंने तुरंत सिपाही की तलाश में जुटे एसआई दुर्विजय सिंह और एसडीआरएफ की टीम को इसकी सूचना दी।
पुलिस ने नाविकों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला। फील्ड यूनिट और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। शव की पहचान हत्यारोपी सिपाही गौरव कुमार यादव के रूप में हुई। हत्यारोपी सिपाही की पत्नी शिवानी का कानपुर में इलाज चल रहा है। वह कोमा में हैं। डॉक्टरों ने उसे 15 दिन में होश में आने की उम्मीद जताई है। शिवानी के भाई कानपुर निवासी अभिषेक ने बताया कि वह और उनका पूरा परिवार शिवानी के इलाज में लगा है। कहा कि बहन की हालत नाजुक बनी हुई है और वे उसी के इलाज पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
मरका थाना इंस्पेक्टर मिथलेश सिंह ने बताया कि हत्यारोपी सिपाही का शव नदी में मिल गया है। उन्होंने कानपुर निवासी सिपाही के ससुर कश्मीर सिंह और फर्रुखाबाद निवासी सिपाही के पिता रिटायर्ड एडीओ पंचायत अरविंद कुमार यादव को सूचना दी है। फर्रुखाबाद से सिपाही के कुछ परिजन देर शाम रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज पहुंचे हैं। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
