विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट, प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने हत्या के दो माफिया जावेद उर्फ बुद्धू और असलम को गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत दोषी करार दिया। जिसके बाद दोनों को सात-सात वर्ष का कठोर कारावास सुनाया है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जिसकी अदायगी न करने पर दोनों को तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों का जेल भेज दिया गया है।
थाना कोतवाली नगर के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक विवेकानंद तिवारी ने 10 अक्टूबर 2011 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें मोहल्ला लोहार तलैया निवासी जावेद उर्फ बुद्धू पुत्र जाकिर अली और खाईपार निवासी असलम पुत्र बाबू हनीफ को नामजद किया गया था। आरोप है कि यह दोनों संगठित आपराधिक गिरोह चलाते थे, जिसका सरगना जावेद और सदस्य असलम था। यह गिरोह असलहों के बल पर हत्या, लूट, डकैती, चोरी आदि घटनाओं को अंजाम देता था। दोनों ही आरोपी हिस्ट्रीशीटर थे और 2011 में उनके गिरोह ने दो लोगों की गोली मारकर हत्या भी की थी। दोनों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से चार गवाह पेश किए गए। न्यायाधीश ने जावेद और असलम को दोषी पाया और उन्हें उपरोक्त सजा सुनाई।
