युवक को कमरे में बंद कर चाकू से गोद कर की गई हत्या के मामले में दोषी भाई-बहन समेत 4 को विशेष न्यायाधीश ईसीएक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश छोटे लाल की अदालत ने आजीवन कारावास सुनाया। साथ ही चारों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर 1-1 वर्ष अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दोषियों को जेल भेज दिया गया।
मटौध थाना क्षेत्र के भूरागढ़ नई बस्ती निवासी जय सिंह यादव पुत्र मानसिंह यादव ने तहरीर देकर 15 नवंबर 2021 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि वह और जय सिंह दो भाई थे। उसके बड़े भाई राम सिंह यादव का एक मकान भूरागढ़ में बाईपास पर नई बस्ती में है जबकि भाई गांव में ही रहता था व भूरागढ़ आता जाता था। 15 नवंबर 2021 को सुबह 8 बजे गांव का राजू यादव पुत्र ब्रजलाल सिंह व भरत सिंह पुत्र विजय सिंह आया था। शाम 4 बजे उसे सूचना मिली की उसके बड़े भाई राम सिंह को उन्हीं के कमरे में चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई है। वह अपने परिवारजनों के साथ भूरागढ़ अपने भाई के घर पहुंचा जहां जानकारी हुई कि उसके भाई की हत्या रियाज खान उर्फ पप्पू व बहन अंजुम खान उर्फ नूरी तथा बिल्लू और शैलेंद्र सिंह ठाकुर ने की है।
घटना को आसपास के लोगों ने उसके भाई की हत्या करते हुए देखा है। तहरीर के आधार पर चारों लोगों के विरुद्व हत्या का मामला दर्ज किया गया। तत्कालीन विवेचक अरबिंद सिंह गौर ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। दोषियों के विरुद्व 25 अगस्त 2022 को आरोप बनाया गया। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर रियाज खान उर्फ पप्पू, अंजुम खान उर्फ नूरी व बिल्लू उर्फ अरबाज निवासी भूरागढ़ नई बस्ती और शैलेंद्र सिंह पुत्र मुन्नू ठाकुर निवासी जलकल कालोनी भूरागढ़ को हत्या में दोषी पाते हुए बृहस्पतिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई।
