स्थानीय रेलवे विभाग की घोर लापरवाही के चलते बुधवार शाम मानिकपुर से कानपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन (64601) को बिसंडा रोड स्थित रेलवे क्राॅसिंग गेट नंबर (476) पर लगभग 15 मिनट तक आउटर में रोकना पड़ा। इस दौरान रेलवे ट्रैक पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
बुधवार शाम को मानिकपुर से कानपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन निर्धारित समय से करीब आधे घंटे की देरी से चल रही थी। बुधवार की शाम यह ट्रेन जैसे ही अतर्रा ट्रेन स्टेशन परिसर के आउटर तक पहुंची स्टेशन परिसर में कर्मचारियों द्वारा घोषणा की गई कि ट्रेन पिछले स्टेशन से निकल चुकी है। हालांकि स्थानीय रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही के कारण समय पर बिसंडा रोड रेलवे क्रासिंग गेट को बंद नहीं किया गया। गेट बंद न होने के कारण रेलवे ट्रैक पर दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। इस अव्यवस्था के चलते ट्रेन को आउटर में ही रोक दिया गया। रेलवे ट्रैक पर वाहनों की मौजूदगी के कारण सुरक्षा संबंधी चिंताएं उत्पन्न हो गईं।
सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) मौके पर पहुंचा। आरपीएफ के पहुंचने के बाद काफी जद्दोजहद और मशक्कत के बाद ट्रैक पर खड़े वाहनों को हटवाया गया और क्रासिंग गेट को बंद किया गया। इन सब प्रक्रियाओं में लगभग 15 मिनट का समय लगा। इसके बाद ही पैसेंजर ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंच सकी। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि ट्रैक पर वाहनों की मौजूदगी के कारण समय से रेलवे क्रासिंग गेट बंद नहीं हो सका। जिसके चलते पैसेंजर ट्रेन को आउटर में रोकना पड़ा। उन्होंने स्वीकार किया कि यह एक अव्यवस्था का मामला था। उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।