
अदालत का फैसला।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीजा की वैधता समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से भारत में रह रही बांग्लादेश की महिला नागरिक को जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा कि याची एक महिला है और वह तीन छोटी लड़कियों की मां है। उसके साथ नामजद अन्य बच्चों की जमानत मिल चुकी है। ऐसे में वह भी जमानत की हकदार है। न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा की कोर्ट ने याचिका की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
महिला हिना रिजवान पर आरोप है कि वह वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अपने परिवार के साथ भारत में ही रह रही थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को उसके पति व बच्चों सहित जेल भेज दिया था। वहीं, पुलिस ने इस मामले में विधायक इरफान सोलंकी के खिलाफ भी चार्ज शीट दाखिल की है। ट्रायल कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद महिला ने हाईकोर्ट से जमानत के लिए गुहार लगाई।
याची अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने दलील दी कि याची एक महिला है और उसके पांच बच्चे हैं। इस मामले में याची के तीन बच्चों की जमानत मिल चुकी है। याची और उसका पति डेढ़ साल से जेल में हैं। आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। हाईकोर्ट ने तथ्यों का अवलोकन करने के बाद याची महिला को सशर्त जमानत दे दी।
महिला ने शादी के बाद बांग्लादेश की नागरिकता ली थी
कानपुर नगर के मूलगंज थाने में 11 दिसंबर 2022 को याची हिना रिजवान पर धोखाधड़ी, आपराधिक षडयंत्र और विदेशी नागरिक अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। आरोप है हिना का विवाह बांग्लादेशी नागरिक रिजवान मोहम्मद से हुआ था। शादी के बाद उसने बांग्लादेश की नागरिकता ले ली। इसके बाद बांग्लादेश से वीजा लेकर भारत आई थी। वीजा की वैधता 2018 में खत्म हो गई थी। इसके बाद भी वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में रह रही थी।
