कोतवाली हैदरगढ़ के बहुता गांव में रविवार को ड्राइविंग सीख रहे बेटे की कार की चपेट में आने से मां की दर्दनाक मौत हो गई। घर के दरवाजे पर हुए इस हादसे से परिवार में चीख-पुकार मच गई। सीएचसी से परिजन शव लेकर लौटे और बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार बहुता गांव निवासी राकेश त्रिपाठी के घर रविवार दोपहर बेटी और दामाद पहुंचे थे।

बताया जाता है कि करीब दो बजे राकेश का बेटा सूरज तिवारी (28) बहनोई की कार गांव की सड़क पर चलाकर ड्राइविंग सीख रहा था। वापस लौटते समय कार खड़ंजा पार करते हुए अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई और घर के सहन में बनी ईंटों की अड्डी से टकराते हुए सीधे कुर्सी पर बैठी मां मीना तिवारी (60) पर चढ़ गई और कार आगे बढ़ते हुए दीवार से टकराकर रुकी।

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गंभीर रूप से घायल मीना तिवारी को परिजन तत्काल सीएचसी हैदरगढ़ लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक डॉ. विश्वनाथ मधेशिया के अनुसार महिला का एक पैर बुरी तरह कुचल गया था और पेट में गंभीर आंतरिक चोटें आईं, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई।

परिजन शव लेकर सीधे गांव लौटे और शाम को अंतिम संस्कार कर दिया। मृतका के पति राकेश त्रिपाठी ने पोस्टमार्टम न कराने का आवेदन दिया। एसएचओ अभिमन्यु मल्ल ने बताया कि सूचना पुलिस के पास नहीं पहुंची है।



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