मारपीट के एक मामले में आरोपियों के नाम न बढ़ाने के एवज में बदोसराय थाने के दरोगा सुरेश कुमार यादव और अभियोजन कार्यालय में आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारी अशफाक को एंटी करप्शन टीम ने 25 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कार्रवाई के बाद सफदरगंज थाने ले जाया गया, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

एंटी करप्शन टीम के अधिकारियों के अनुसार बदोसराय थाना क्षेत्र में करीब दो माह पहले खलसापुर निवासी सूरज समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इस मामले की विवेचना दरोगा सुरेश कुमार यादव के पास थी। आरोप है कि विवेचना के दौरान अज्ञात के रूप में दर्ज अन्य नाम खोलने या बढ़ाने की धमकी देकर सूरज से रिश्वत मांगी जा रही थी। बताया गया कि रिश्वत की मांग जिला मुख्यालय स्थित अभियोजन कार्यालय में आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारी अशफाक के माध्यम से की गई।

सौदा 25 हजार में तय हुआ। पीड़ित सूरज ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की, जिसके बाद जाल बिछाया गया। सोमवार को दरोगा सुरेश कुमार यादव ने हाईकोर्ट के काम से जाने की बात कहकर थाने से निकलने की सूचना दी। इसके बाद लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाराबंकी के पास चोपुला चौराहे के नजदीक सूरज को बुलाया गया। वहीं अशफाक ने सूरज से 25 हजार लेकर दरोगा को सौंपे। इसी दौरान पहले से तैयार बैठी एंटी करप्शन टीम ने दोनों को रंगे हाथ दबोच लिया।

गिरफ्तारी के बाद टीम दोनों को सफदरगंज थाने ले गई। यहां इंस्पेक्टर सुनील कुमार की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, दोनों को अयोध्या की अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच एंटी करप्शन टीम द्वारा की जा रही है।



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