घुंघटेर थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। कुर्सी इंडस्ट्रियल एरिया से ड्यूटी कर घर लौट रहे तीन युवकों की बाइक को तेज रफ्तार डीसीएम ने टक्कर मार दी। हादसे में दो सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार घुंघटेर थाना क्षेत्र के पीननगर गांव निवासी अंकित यादव (24) और उनका छोटा भाई विकास यादव (20) पड़ोसी गांव छूलिहा का पुरवा निवासी विकास (23) के साथ कुर्सी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक अलमारी फैक्टरी में कार्यरत थे।
ये भी पढ़ें – सात प्रवेश द्वारों के साथ भविष्य का शहर बनेगा लखनऊ, राष्ट्र प्रेरणा स्थल के लिए भी भारी धन का आवंटन
ये भी पढ़ें – निखरेगी प्रदेश की राजधानी, जल्द मिलेगी नई विधानसभा; मेट्रो के नए फेज में आएगी तेजी; बनेंगे आईटी पार्क
बुधवार की रात ड्यूटी खत्म कर तीनों एक ही बाइक से घर लौट रहे थे। करीब एक बजे निगोहां-बजगहनी मार्ग पर तेज रफ्तार डीसीएम ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया।
उधर से गुजर रहे राहगीरों ने सड़क पर लहूलुहान पड़े युवकों को देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो पाया कि अंकित और इनके भाई विकास यादव की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि तीसरा युवक विकास गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे की खबर जैसे ही पीननगर गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। अंकित की शादी हो चुकी थी और तीन माह पहले ही उसके घर बेटे का जन्म हुआ था। वहीं, छोटा भाई विकास अविवाहित था। एक ही घर के दो चिराग बुझ जाने से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात डीसीएम चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि फरार वाहन की पहचान की जा सके।
ग्रामीणों ने तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने और मार्ग पर पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि निगोहा-बजगहनी मार्ग पर आए दिन तेज रफ्तार भारी वाहन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। एक ही परिवार के दो युवकों की असमय मौत से पूरे इलाके में मातम पसरा है। घर की खुशियां मातम में बदल गई हैं और तीन माह के मासूम के सिर से पिता का साया उठ गया।
