यूपी के बाराबंकी में मिथुन रावत हत्याकांड में नामजद आरोपियों के घरों पर सोमवार को प्रशासन का बुलडोजर चला। पुलिस की मौजूदगी में तहसील प्रशासन ने दुर्री पुरवा गांव पहुंचकर आरोपियों के अवैध रूप से बने मकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
कुर्सी इलाके में लखनऊ के महिगवां थाना क्षेत्र के श्रीराम पुरवा निवासी छविनाथ रावत के 20 वर्षीय पुत्र मिथुन रावत की शुक्रवार रात हत्या कर दी गई थी। शनिवार सुबह उसका शव कुर्सी थाना क्षेत्र के दुर्री पुरवा गांव के बाहर गेहूं के खेत में पड़ा मिला था। हत्यारों ने युवक का गला रेतकर और धारदार हथियार से गोदकर उसकी निर्मम हत्या की थी।
मृतक की मां की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। सोमवार को पुलिस और तहसील प्रशासन की टीम दुर्री पुरवा गांव पहुंची। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने सरकारी और पट्टे की जमीन पर अवैध रूप से अस्थायी मकान बना रखे थे। इसके बाद जेसीबी मशीन से छह अवैध मकानों को गिरा दिया गया।
नायब तहसीलदार अंकिता पांडेय ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग की जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि हुई थी। इसी के आधार पर चार अस्थायी मकानों को ध्वस्त किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि पक्के मकान भी अवैध भूमि पर बने पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध कब्जों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
