
धमाके के बाद जमींदोज हो गया था घर
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बाराबंकी जिले में नगर पंचायत फतेहपुर में तेज धमाके के साथ जमींदोज हुए तीन मंजिला घर के मलबे में दबकर सगे भाई-बहन समेत चार लोगों ने दम तोड़ दिया था। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान हादसे के कारणों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई थी, जिसमें धमाके की आवाज को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा तेज है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम अविनाश कुमार ने एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है, जो पूरे प्रकरण की जांच कर विस्फोट की वजह तलाशेगी। माना जा रहा है कि बुधवार से टीम अपना काम शुरू कर देगी।
डीएम अविनाश कुमार ने एडीएम अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में जो कमेटी गठित की है उसमें एक्सईएन फतेहपुर, पीडब्लूडी एक्सईएन निर्माण खंड तीन, ईओ फतेहपुर, सीएफओ, सीओ फतेहपुर को शामिल किया गया है। जांच में विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) लखनऊ की टीम भी सहयोग करेगी। डीएम ने बताया कि कमेटी 15 दिनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
अज्ञात में दर्ज हुआ गुड्डू का नाम, दोपहर बाद हुआ पोस्टमार्टम
हादसे के दौरान जान गंवाने वाले दानिश, रोशनी व हकीमुद्दीन के शव देर रात में ही सुपुर्द-ए-खाक कर दिए गए थे, लेकिन आफताब आलम उर्फ गुड्डू का शव मंगलवार शाम करीब पांच बजे को सुपुर्द-एक-खाक किया जा सका। जिम्मेदारों की लापरवाही इसके पीछे बड़ी वजह मानी जा रही है। रात में जब गुड्डू का शव जिला अस्पताल पहुंचा तो उसे अज्ञात में दर्ज कर शव गृह में रखवा दिया गया था।
भारी मात्रा में मिली थी नकदी व जेवरात
काजीपुर में हाशिम का मकान ढहने के बाद टीमों ने जब रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया तो मकान के मलबे में से भारी मात्रा में नकदी और जेवरात भी निकले। करीब पांच लाख रुपये नकद और तमाम सोने-चांदी के जेवरात मिलने की बात सामने आई थी, हालांकि इसे परिवार के सदस्यों के सुपुर्द कर दिया गया है।
दूसरे दिन भी नहीं हुई नमाज
मकान का मलबा गिरने से दर्जियान मस्जिद भी क्षतिग्रस्त हो गई थी और मलबा मस्जिद के सहन के आगे एकत्रित कर दिया गया है। ऐसे में दो दिन में यहां नमाज नहीं अदा हो पा रही है। हाजी नियाजुद्दीन ने बताया कि मौलवीगंज स्थित मस्जिद हैदरी में इस समय नमाज अदा कराई जा रही है।
इलाज छोड़ घर लौटा हाशिम, परिजनों में कोहराम
हादसे के दौरान लखनऊ में भर्ती हाशिम को जब गुड्डू का शव मिलने के बाद घटना की जानकारी दी गई तो वह भी इलाज छोड़कर वापस फतेहपुर आ गया। यहां अपने घर को मलबे में तब्दील व तीन बच्चों की एक साथ मौत ने उसे पूरी तरह से बदहवास कर दिया है। मृतक की पत्नी शाहीन परवीन, पुत्री परी का रो-रोकर हाल खराब है।
