बरेली में पीडब्ल्यूडी अधिकारी के रसोइया का शव बृहस्पतिवार को बंद कमरे में चारपाई पर मिला। घटना पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के सरकारी आवास में हुई। बंद कमरे में रखी परात में राख मिली है। इससे माना जा रहा है कि रसोइया ने ठंड से बचाव के लिए परात में आग जलाई होगी, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई। छानबीन के बाद कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।  

अधीक्षण अभियंता केके सिंह का सरकारी आवास पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में है। यहां अलीगंज के गांव ढकिया निवासी 50 वर्षीय वीरेंद्र सिंह रसोइया के रूप में काम करते थे। सरकारी आवास में ही अभियंता ने उन्हें अलग से कमरा दे रखा था। वीरेंद्र बुधवार रात खाना खाने के बाद सोने चले गए थे। उन्होंने एक परात में आग जला रखी थी। सुबह वह नहीं जागे तो केके सिंह ने उनके दरवाजे को खटखटाया।

अंदर से बंद था कमरे का दरवाजा 

जवाब न मिलने पर अनहोनी की आशंका हुई। तब यूपी 112 को सूचना दी गई। पीआरवी स्टाफ ने दरवाजा तोड़ा और अंदर घुसी। कोतवाल सुरेश चंद्र गौतम भी मौके पर पहुंच गए। कमरे में जहां वीरेंद्र मृत हालत में पड़े मिले। कमरे के अंदर परात में आग ठंडी पड़ चुकी थी। हालांकि धुआं कमरे में भरा था। वीरेंद्र को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है।



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