
सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : Amar Ujala
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बरेली में सेना भर्ती में फर्जीवाड़े का आरोपी भगोड़ा विक्की मंडल बेहद शातिर है। वह सेना में भर्ती के बहाने करीब 300 लोगों को ठग चुका है। उसको पकड़ना मुश्किल हो रहा है। पुलिस के अलावा मिलिट्री इंटेलीजेंस भी विक्की व उसके साथियों की तलाश में लगी है। पहले मिलिट्री इंटेलीजेंस ने उसे रुद्रपुर में पकड़वाया था। तब भागते वक्त उसने पुलिस पर ही फायरिंग कर दी थी। जमानत पर छूटकर वह फिर ठगी करने लगा।
सेना में भर्ती के नाम पर ठगी के शिकार उत्तराखंड के चार युवकों ने हाल ही में उत्तराखंड के सितारगंज निवासी विक्की मंडल, आनंद सिंह व उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट कराई थी। नौकरी के नाम पर इनसे 11 लाख रुपये की ठगी की गई थी। कैंट के मिलिट्री अस्पताल में इनकी पहली मुलाकात और बीआई बाजार में डील हुई थी। लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध बरेली यूनिट की मिलिट्री इंटेलीजेंस काफी समय से विक्की मंडल व उसके गिरोह की तलाश कर रही थी। इसी टीम ने पीड़ितों को जुटाकर एसएसपी के सामने पेश किया तब रिपोर्ट दर्ज हो सकी।
सिर्फ व्हाट्सएप चैट करता है विक्की
सेना का जवान रहा विक्की मंडल कई साल से लापता और अवैध गतिविधियों में शामिल था। इसकी जानकारी पर 2021 में फर्रुखाबाद की जाट रेजिमेंट ने उसे बर्खास्त कर दिया था। इस बीच वह गिरोह बना चुका था और सेना व रिटायर लोगों को भ्रामक बातें बताकर साथ जोड़ लिया था। मिलिट्री इंटेलीजेंस व सेना ने इसे पकड़ने की काफी कोशिश की पर वह बेहद शातिर है। अधिकतर समय व्हाट्सएप चैटिंग करता है। कई बार उसकी लोकेशन उत्तराखंड में रुद्रपुर के पास मिली है पर वह हर बार गच्चा दे जाता है।
