बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की पुष्प प्रदर्शनी में इस बार प्रकृति और अध्यात्म का संगम शहरवासियों के लिए यादगार अनुभव साबित होगा। रामगंगानगर स्थित रामायण वाटिका में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी में इस बार उत्तराखंड के केदारनाथ, मध्य प्रदेश के उज्जैन (अवंतिकापुरी) स्थित महाकाल मंदिर, ओडिशा के लिंगराज मंदिर और तमिलनाडु के रामेश्वरम मंदिर के प्रतिरूप आस्था एवं आकर्षण का केंद्र होंगे। सीएम के हाथों प्रदर्शनी का शुभारंभ कराने की तैयारी है।
बीडीए कार्यालय परिसर में चारों मंदिरों के प्रतिरूपों पर काम चल रहा है। मॉडलों को इतनी बारीकी से तैयार किया गया है कि इन्हें देखकर साक्षात धामों के दर्शन जैसा अनुभव होता है। फिलहाल, सुरक्षा की दृष्टि से इन्हें ढककर रखा गया है। इनका अनावरण प्रदर्शनी स्थल पर ही किया जाएगा। बीडीए के मुख्य अभियंता एपीएन सिंह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य शहरवासियों और विशेषकर युवा पीढ़ी को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक व धार्मिक विरासत से रूबरू कराना है। जब लोग फूलों की दुर्लभ प्रजातियों को देखने पहुंचेंगे, तो इन पवित्र मंदिरों के लघु रूप उन्हें मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराएंगे।
प्रदर्शनी में सेल्फी पॉइंट बनाया जाएगा
प्रदर्शनी में युवाओं के लिए बेहतरीन सेल्फी पॉइंट बनाया जाएगा। बीडीए ने इन प्रतिकृतियों को इस तरह डिजाइन कराया है कि इनके पास खड़े होकर फोटो खिंचवाने पर असली मंदिर परिसर जैसा अनुभव हो सके। प्रत्येक मॉडल के पास संबंधित मंदिर के इतिहास और महत्ता का संक्षिप्त विवरण भी लगाया जा सकता है। इससे बच्चों का ज्ञानवर्धन होगा। बीडीए का लक्ष्य है कि शहर में ही लोग सुदूर स्थित इन ज्योतिर्लिंगों की झलक पा सकें। प्रदर्शनी के दौरान शहर का वातावरण शिवमय और भक्तिमय हो जाएगा।