बरेली में कैनविज कंपनी के निदेशक कन्हैया गुलाटी और उसके गुर्गों के खिलाफ एसआईटी जांच तेज हो गई है। सैकड़ों निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी कन्हैया गुलाटी पर पुलिस इस तरह शिकंजा कसने की तैयारी में है ताकि उसको आसानी से जमानत न मिल सके। एसआईटी गुलाटी और उसके गुर्गों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वालों के बयान दर्ज कर रही है।
कन्हैया गुलाटी और उसके गुर्गों के खिलाफ बरेली में 20 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, पर अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। गुलाटी के खिलाफ दर्ज मामलों की दो स्तरों पर जांच चल रही है। एक जांच थानों के विवेचक और दूसरी एसएसपी अनुराग आर्य की ओर से गठित एसआईटी कर रही है। एसपी ट्रैफिक अकमल खान को एसआईटी का नोडल अधिकारी बनाया गया है। एसआईटी गुलाटी के बरेली के अलावा बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत समेत अन्य जिलों में एजेंटों को भी चिह्नित कर रही है।
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गुलाटी और उसके गुर्गों को अब तक गिरफ्तार न किए जाने का एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि उसके खिलाफ विश्वासघात के आरोप में मामले दर्ज कराए गए हैं। इनमें सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। ऐसे में पीड़ितों के बयानों के आधार पर उसके खिलाफ रंगदारी, धोखाधड़ी और ठगी जैसी धाराएं लगाई जाएंगी।
