Bareilly Violence Maulana Tauqeer contested elections from Pradhan to Vidhan Sabha but did not get success

मौलाना तौकीर रजा
– फोटो : अमर उजाला

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बरेली में हजरत रेहान रजा खां की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उनका बेटा मौलाना तौकीर रजा खां सियासी मैदान में कूदा, मगर कोई मुकाम नहीं पा सका। ग्राम प्रधान से लेकर विधानसभा तक के चुनाव में मौलाना ने किस्मत आजमाई, मगर कभी सफलता नहीं मिली। 

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मौलाना के परिवार के अन्य सदस्यों ने भी जोर-आजमाइश की, मगर वह भी सफल नहीं हुए। रेहान-ए-मिल्लत हजरत रेहान रजा खां दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन रहे हैं। इससे पहले उन्होंने राजनीति में हाथ आजमाते हुए बरेली लोकसभा सीट से 1980 में चुनाव लड़ा था, मगर जीत नहीं सके थे। 

बाद में कांग्रेस से निकटता के चलते पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें एमएलसी बनवाया था। उनका इतना ही राजनीतिक सफर रहा। उसके बाद उन्होंने दरगाह की गद्दी संभाल ली और धर्मगुरु की हैसियत से अपनी पहचान बनाई।



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