अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बीडा के मुआवजे को लेकर पति-पत्नी के बीच ही जंग छिड़ गई। पत्नी ने पति पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। वहीं, पति का कहना है कि पत्नी उसे करीब 20 साल पहले छोड़कर जा चुकी है। अब मुआवजा में हिस्सा के लिए आरोप लगा रही है। पत्नी ने न्यायालय में गुहार लगाई थी। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने पति के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य आरोप में रिपोर्ट दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।
बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के तहत सारमऊ समेत 33 गांव की जमीन आ गई। काश्तकारों के खाते में अब लाखों रुपये पहुंच रहे हैं। इस वजह से रोजाना ही थाने तक परिवार के विवाद पहुंच रहे हैं। सारमऊ निवासी सरिता मिश्रा पत्नी अनिल मिश्र ने पुलिस को बताया कि भू-अधिग्रहण आरंभ होने पर उसने बीडा में जमीन जाने से रोकने के लिए आपत्ति लगाई थी। पति अनिल के बीडा में मिले मुआवजे में हिस्सा देने का वादा करने पर वह राजी हो गई। पति के खाते में करीब 28 लाख का मुआवजा आया। अब अनिल उसमें हिस्सा देने को राजी नहीं। अपने परिजनों के साथ मिलकर अनिल ने सरिता को फर्जी चेक थमा दिया। विरोध करने पर धमकाने का आरोप लगाया। सरिता के मुताबिक शिकायत लेकर वह थाने पहुंची लेकिन, सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी पति अनिल समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। थानाध्यक्ष परमेंद्र सिंह के मुताबिक मामले की छानबीन कराई जा रही है।
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पत्नी पर पति ने लगाया था 20 साल बाद लौटने का आरोप
करीब दो माह पहले पति अनिल मिश्रा ने आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि सरिता उसे करीब 20 साल पहले छोड़कर जा चुकी। जब उसके खाते में बीडा का पैसा आया तब यह रकम देखकर पत्नी की नीयत खराब हो गई। वह इसमें हिस्सा बांट करने के लिए आ गई। पत्नी और पुत्र ने उससे मारपीट की और करीब डेढ़ लाख रुपये छीन ले गए। इस मामले की भी पुलिस छानबीन कर रही है।
