उरई/कोटरा। कोटरा नगर पंचायत के ऐतिहासिक मंदिरों और स्नान घाटों के विकास के लिए शासन ने वंदन योजना के तहत 1.88 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की है। नगर पंचायत अध्यक्ष सियाशरण व्यास और सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा के प्रयासों से यह योजना मंजूर हुई। बजट मिलने से नगर वासियों ने हर्ष जताया है।
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कोटरा पौराणिक और ऐतिहासिक धरोहरों का केंद्र है। यहां पर शिव मंदिर, मां रक्तदंतिका मंदिर और नक्की बाबा मंदिर के आसपास सड़क मार्ग, प्रतीक्षालय और लाइटिंग की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही मां बेतवा नदी के किनारे लुप्त हो चुके स्नान घाटों का पुनरुद्धार होगा, जिससे कोटरा पर्यटन के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाएगा। कोटरा का ऐतिहासिक महत्व चंदेल काल के मंदिरों और स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष से जुड़ा है।
पहले कोटरा नदी मार्ग से व्यापार का प्रमुख केंद्र था, लेकिन समय के साथ इसकी व्यावसायिक स्थिति कमजोर हो गई। अब इस योजना से कोटरा का गौरव लौटेगा और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। इस परियोजना में नगर पंचायत ईओ उमाकांत सिंह ने बताया कि बजट मिलने के बाद काम करवाने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही काम भी शुरू हो जाएंगे। एक बार फिर से ऐतिहासिक धरोहरों को पहचान मिलेगी।