
बेहमई कांड (फाइल फोटो)
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बेहमई गांव में नरसंहार होने के बाद अगले दिन 15 फरवरी को गांव की एक छत में ईट के नीचे तीन खत मिले थे। इसमें 12 नाम लिखे हुए थे। गांव के मरजाद ने खत में लिखे चार डकैतों की पहचान फूलनदेवी के साथियों के रूप में की और चारों पर नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
बेहमई गांव में नरसंहार के बाद विपक्षी राजनैतिक दलों ने सत्ता पक्ष के लोगों को घेरना शुरू कर दिया था। इस दौरान पूरे देश में धरना प्रदर्शन हुए। इसी बीच घटना के दूसरे दिन गांव के मरजाद सिंह के घर पर तीन खत ईट के नीचे दबे हुए मिले थे। मरजाद ने खत देखें तो वह ठीक तरह से पढ़ नहीं पाए। उन्होंने गांव के कुछ अन्य लोगों को खत पढ़ाया और इसके बाद पुलिस को सौंप दिया। पुलिस की पूछताछ में खत के अंदर लिखे 12 नाम में से चार नाम को मरजाद जानता था। उसने चारों की पहचान फूलन देवी के साथ आए डकैतों के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने मरजाद की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने सभी की तलाश शुरू की थी।
