Bhopa/Shukratal News गंगा दशहरा के पर्व पर पौराणिक तीर्थ स्थली एवं भागवत उदगम पीठ शुकतीर्थ स्थित गंगा मे स्नान कर पूजा अर्चना करने वाले श्रृद्धालुओं का तंाता लगा रहा। पर्व के कारण शुकतीथ्र मे इतनी जबदरस्त भीड रही कि पुलिस प्रशासन को दिनभर मशक्कत कर व्यवस्था बनवानी पडी।
ज्येष्ठ माह की दशमी तिथि अर्थात गंगा दशहरा के पावन पर्व पर हजारो श्रृद्धालुओ ने गंगा मे डुबकी लगाई तथा शुकतीर्थ स्थित गणेश धाम, दुर्गा धाम, शुकदेव मंदिर आदि विभिन्न मंदिरो एवं आश्रमो मे पूजा अर्चना की तथा प्रसाद चढाया। गंगा दशहरे के कारण जिला पुलिस प्रशासन एवं जिला पंचायत की और से यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई। जिला पंचायत अध्यक्ष डा.वीरपाल निर्वाल, डीएम अरविन्द मलप्पा बंगारी, एसएसपी अभिषेक सिंह के निर्देशो के चलते मेला सम्बन्धी पुलिस व प्रशासनिक व्यवस्था दुरूस्त रही।
गंगा स्नान के लिए जनपद सहित आसपास के जनपदो से हजारो श्रृद्धालु बीते दिन से ही ट्रैक्टर-ट्रालियों मे सवार होकर शुकतीर्थ पहुंचे। श्रृद्धालुओ ने शुकदेव मंदिर के दर्शन किये तथा शुकदेव मंदिर पर स्थित पौराणिक वट वृक्ष की परिक्रमा कर मन्नत मंागी। सुबह से ही शुकतीथ्र मे श्रृद्धालुओं का तंाता लगा रहा। जिला पंचायत की और से वाहनो के लिए पार्किग तथा पीने के पानी आदि की व्यवस्था की गई।
बीती शाम शुकतीर्थ पहंुचे जिला पंचायत अध्यक्ष डा.वीरपाल निर्वाल,डीएम अरविन्द मलप्पा बंगारी, एसएसपी अभिषेक सिंह आदि ने व्यवस्थाओ का जायजा लिया। वहीं दूसरी और आज शुकतीर्थ पहंुचे एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह, एसपी देहात आदित्य बंसल, सीओ भोपा आदि ने मेले के दौरान सभी व्यवस्थाओं को परखा एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एलआईयू की टीम ने डाॅग स्कवायड के साथ मेला क्षेत्र एवं गंगा घाट तथा आसपास सभी क्षेत्र मे भ्रमण कर व्यवस्थाओ को देखा। बता दें प्राचीन तीर्थस्थल शुकतीर्थ में रविवार की सुबह लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा मैया में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया यहां श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे, जय-जय गंगे के जयघोष के साथ माँ गंगा की पूजा अर्चना कर अनुष्ठान संपन्न कराया तथा अन्न, वस्त्र आदि का दान भी किया है। शनिवार की देर शाम से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ट्रैक्टर ट्रॉली व अन्य वाहनों के द्वारा शुकतीर्थ पहुँचनी शुरू हो गयी थी आधी रात को शुकतीर्थ जाने वाले सभी मार्गों पर वाहनों का काफिला उमड़ आया।
श्रद्धालुओं ने विभिन्न आश्रमों, धर्मशालाओं में प्रवास किया, जहाँ भंडारे का आयोजन किया गया यहां महिलाओं व बच्चों ने मेले में लगी दुकानों पर खरीदारी की तथा चाट पकौड़ी के व्यंजनों का स्वाद भी लिया है। शुकतीर्थ के प्रसिद्ध शुकदेव आश्रम में प्राचीन वट वृक्ष की परिक्रमा कर श्रद्धालुओं ने मनोकामना सिद्धि के लिये धागे भी बांधे तथा दिव्य तोते के जोड़े के दर्शन किये यहां श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर अजर अमर हुए वट वृक्ष की बड़ी महत्ता है। ऐसा मानना है कि इसी वट वृक्ष के नीचे शुकदेव मुनि ने राजा परीक्षित को श्रीमद्भगवत कथा सुनाई थी
श्रद्धालुओं ने शुकदेव मन्दिर के दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया इसके अलावा हनुमत धाम, गणेश धाम, पूर्णागिरि आश्रम, शिव धाम, दुर्गा धाम, पीताम्बरा धाम, तिलकधारी आश्रम, महेश्वर आश्रम, शनि धाम, दण्डी आश्रम आदि आश्रमों में श्रद्धालुओं ने मन्दिरों के दर्शन कर साध्ु संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। यहां आने वाले श्रद्धालुओं ने गंगा घाट पर बच्चों का मुण्डन भी धार्मिक परम्पराओं के साथ कराया श्रद्धालुओं द्वारा विशेष अनुष्ठान भी सम्पन्न कराये गये, जिसके उपरान्त भोजन प्रसाद का वितरण भी किया गया। श्रद्धालुओं ने गंगा में मोटरबोट में बैठकर गंगा सोलानी के संगम तक सैर भी की।
यातायात को नियंत्रित करने में छूटे पसीने शनिवार की रात श्रद्धालुओं की भारी भीड़ शुकतीर्थ पहुँची ट्रैक्टर ट्रॉली व अन्य वाहनों के द्वारा श्रद्धालुओं ने तीर्थनगरी में प्रवेश किया भीड़ को नियंत्रित करने के लिये मोरना से बहुपुरा-फिरोजपुर मार्ग पर वाहनों को डायवर्ट किया गया था तथा शुकतीर्थ से पहले बैरियर लगाकर वाहनों को पार्क किया गया था तीर्थनगरी के सभी मुख्य मार्गों पर बैरियर व पुलिस बल तैनात कर भीड़ व् यातायात को नियंत्रित किया गया
जिसमे पुलिस के पसीने छूट गए। गंगा में तैनात रहा पीएसी बल-गंगा में स्नान करनेवालों की सुरक्षा के लिये पीएसी बल मोटरबोट के साथ तैनात रहा तथा श्रद्धालुओं को गहरे पानी में स्नान न करने की सलाह दी गयी। गंगा घाट पर खोया-पाया केंद्र की स्थापना भी की गयी। वहीं अपर जिलाधिकारी प्रशासन, उपजिलाधिकारी जानसठ सहित अन्य अधिकारी शुकतीर्थ में मौजूद रहे।।