इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर पालिका परिषद सिसवां बाजार महाराजगंज का परिसीमन कर चुनाव कराने की अधिसूचना को असंवैधानिक करार देकर रद कर दिया। साथ ही नये सिरे से चुनाव कराने पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि चुनी गई परिषद अध्यक्ष पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेगी।
प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर पालिका परिषद सिसवां बाजार महाराजगंज का परिसीमन कर चुनाव कराने की अधिसूचना को असंवैधानिक करार देते हुए रद कर दिया है। साथ ही नये सिरे से चुनाव कराने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि चुनी गई परिषद अध्यक्ष अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेगी। पांच वर्ष का यह कार्यकाल 13 मार्च 2022 को चुनाव का परिणाम घोषित होने के बाद नगर पालिका परिषद की एक अप्रैल 2022 को संपन्न हुई पहली बैठक की तिथि से जोड़ा जाएगा।
याची अध्यक्ष को पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने का संवैधानिक अधिकार

हाई कोर्ट ने कहा- बशर्ते पालिका परिषद भंग न हो जाए, याची अध्यक्ष को पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने का संवैधानिक अधिकार है।

यह आदेश न्यायमूर्ति एम के गुप्ता तथा न्यायमूर्ति आर एम एन मिश्र की खंडपीठ ने अध्यक्ष शकुन्तला देवी की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।
याचिका में 26 अप्रैल 2022 को सरकार द्वारा जारी अधिसूचना की वैधता को चुनौती दी गई थी जिसके तहत प्रशासक नियुक्त कर परिसीमन के बाद चुनाव कराने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने सरकार के इस कदम को असंवैधानिक बताया है।


5 वर्ष की अवधि पूरा होने तक न कराया जाए चुनाव

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि नगर पालिका परिषद सिसवां बाजार महाराजगंज का चुनाव पांच वर्ष की अवधि पूरा होने तक न कराया जाए। मालूम हो कि 67 जिलाधिकारियों को 151 वार्डो के परिसीमन करने का निर्देश दिया गया है। सिसवां बाजार 03 फरवरी 1953 से नगर पंचायत रही है। जिसमें 14 वार्ड है। आबादी 20963 है। राज्य सरकार ने 22 गांव और 17 ग्राम पंचायतों को जोड़कर सिसवां बाजार को नगर पालिका परिषद बना दिया।


अनूप कुमार पाठक की जनहित याचिका पर कोर्ट के निर्देश पर पालिका परिषद व वार्ड कमेटी बनी और चुनाव कराने का जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी। पालिका परिषद का चुनाव 13 मार्च 2022 को संपन्न हुआ। 15 मार्च 2022 को चुनाव परिणाम घोषित किया गया। एक अप्रैल को पहली बैठक हुई।

36 नगर पंचायत, 21 नगर पालिका परिषद और नौ नगर निगमों का क्षेत्र बढ़ गया तो परिसीमन करने का आदेश हुआ। प्रदेश में कुल 151 स्थानीय निकाय है। याची का कहना था कि वह 13 मार्च 2022 को चुनी गई है। 31 जुलाई 2027 तक कार्यकाल है जिसमें कटौती नहीं की जा सकती।

0Shares

ताज़ा ख़बरें

%d bloggers like this: