
Etawah Double Murder
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इटावा जिले में इकदिल थाना क्षेत्र में आशाराम और उसके बेटों के बीच जिस जमीन का विवाद जमीन का विवाद चल रहा था, वह कुल 13 बीघा थी। इसमें से कुल आठ बीघा खेती आशाराम दो बार में तीन लोगों को बेच चुके थे। बची पांच बीघा खेती को कई दिनों से बचने के लिए प्रयासरत था।
इसका दोनों बेटे और पहली पत्नी विरोध कर रहे थे, लेकिन आशाराम मानने को तैयार नहीं था। वह एक माह में दो बार बची जमीन का सौदा करने के लिए आ चुके थे। आशाराम के पिता देवीदयाल तीन भाई थे। उनमें से दो भाइयों ने शादी नहीं की थी। सिर्फ पिता देवीदयाल ने ही शादी की थी।
सूत्रों के अनुसार, भाइयों की मिलाकर लगभग 39 बीघा जमीन थी। इसमें से एक अविवाहित भाई और आशाराम के पिता ने अपनी खेती पहले ही बेच दी थी। चाचा दंबर राजपूत ने अपनी जमीन भतीजे आशाराम के नाम कर दी थी। ऐसे में आशाराम 13 बीघा जमीन के मालिक हो गए थे।
