आगरा के थाना किरावली के गांव बाकंदा खास में शुक्रवार सुबह 11 बजे पिता रामगोपाल के साथ खेत पर गया पांच साल का रिहांश उर्फ सत्तू खेलते समय 50 फीट गहरे कुएं में जा गिरा। जानकारी मिलते ही मां मनोज देवी परिजन के साथ रोते बिलखते पहुंचीं। इसके बाद बचाव अभियान शुरू हुआ। पहले पुलिस, फिर दमकलकर्मी और बाद में एसडीआरएफ की टीम ने अभियान चलाया, लेकिन बेटे के जीवित बाहर निकलने की आस में बैठे माता-पिता की उम्मीदें टूटती रहीं। शनिवार शाम को सेना की टीम पहुंची और रात करीब आठ बजे बच्चे को बाहर निकाल लिया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रिहांश की सांसों के साथ उसके माता-पिता की उम्मीदें भी टूट चुकी थीं।
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कुएं से निकाला पानी।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव बाकंदा खास निवासी किसान रामगोपाल शुक्रवार सुबह 10:30 बजे वह खेत पर काम करने गए थे। साथ में छोटा बेटा रिहांश भी आ गया था। वह खेत में खेलने लगा। 11 बजे खेलते हुए उसका पैर फिसला और 50 फीट गहरे पुराने कुएं में गिर गया। इसमें 25 फीट तक पानी भरा था। बेटे के ऊपर आने की आस में पिता भी कुएं के पास बैठ गए और रोने लगे। पिता की चीख सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण आ गए। थाना किरावली पुलिस मौके पर पहुंची।
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50 फीट गहरे कुएं में समा गया मासूम रिहांश
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पानी निकालने के लिए एक पंप लगाया। 12 बजे गांव के लोगों ने दूसरा पंप लगाया। इसके बाद नायब तहसीलदार राजपाल सिंह, व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दोपहर में मुख्य अग्निशमन अधिकारी दमकलकर्मियों के साथ पहुंचे, लेकिन उनके पास कुएं में जाने के लिए उपकरण नहीं थे। ग्रामीण पंप से पानी निकालते रहे। दो घंटे बाद विधायक चौधरी बाबूलाल पहुंचे और डीएम से बात की। शाम को सीढ़ी और रस्सी के सहारे नगर निगम के दो लोगों को कुएं में उतारा गया मगर बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा।
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मासूम की माैत से परिवार में कोहराम मच गया।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार रात 9 बजे तलाशी अभियान बंद कर दिया गया। रात 12:30 बजे एसडीआएफ की टीम मौके पर पहुंची। शनिवार सुबह 7 बजे एसीपी अछनेरा रामप्रवेश गुप्ता, एसडीआएफ की टीम ने तीन सबमर्सिबल पंप मंगाए। जनरेटर चलाया तो खराब हो गया। मरम्मत के बाद जनरेटर चला तो तीन पंप चलाकर पानी निकालना शुरू किया। एसडीआरएफ का पहला स्कूबा डाइवर ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ नीचे उतरा मगर कुछ मिला नहीं। दोपहर 12:10 बजे ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ दुबारा कुएं में तलाशा, लेकिन खाली हाथ रहे।
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आगरा हादसा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सेना ने पूरा किया अभियान
लगातार असफलता के बाद शाम को रिहांश के ताऊ कैलाशी नाराज हुए और हंगामा करने लगे। वह गांव के लोगों को छोड़कर टीम को वापस भेजने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद शाम 5:10 बजे सेना के जवान आए और 6 बजे सेना का पहला स्कूबा डाइवर पहुंचा। खाली हाथ लौटने पर दूसरा डाइवर भेजा गया, फिर शाम 7 और शाम 7:30 बजे भेजा गया स्कूबा डाइवर भी लौट आया। इसके बाद शाम 7:45 बजे चौथा जवान उतरा तो करीब 15 मिनट बाद बच्चे का शव मिल गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव मिलने के बाद मां और पिता की आस टूट गई और चीखपुकार मच गई।
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