Braj Raj or soil of Vrindavan being sold for dollars this caused anger among Sanatanis

अमेजन पर बिक रही ब्रज रज
– फोटो : सोशल मीडिया

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‘ब्रज की रज भक्ति बनी, ब्रज है कान्हा रूप, कण कण में माधव बसे कृष्ण समान स्वरूप’ ब्रज की जिस रज में कभी कान्हा खेले, लोटे और खायें हो, उस रज की महिमा अपरंपार है। इसी ब्रज की रज में मिल जाने की कामना लेकर ऋषि मुनियों ने कड़ी तपस्या की। इस रज को माथे पर लगाने के लिए देवी-देवता भी आकुल रहते हैं। ब्रज की जिस रज को माथे पर लगाकर श्रद्धालु खुद को धन्य मानते हैं। आज इसी रज का व्यापार हो रहा है। इससे न सिर्फ साधु-संतो बल्कि ब्राह्मण समाज और पुजारियों में गुस्सा व्याप्त है।   

वृंदावन की जिस रज में खेलकर कान्हा ने उसे बिना मोल का कर दिया हो, आज उसी रज से डॉलरों में व्यापार किया जा रहा है। इस रज को ऑनलाइन माध्यम से बेचा  जा रहा है। यह रज ऑनलाइन शॉपिंग साइट अमेजन सहित कई अन्य ऑनलाइन स्टोर्स पर उपलब्ध है। ब्रज की यह रज 1200 से 3500 रुपए प्रति किलो तक बेची जा रही है। 



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