
गंगा घाट किनारे खड़े तरुण के परिजन व अन्य लोग
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बदायूं के उझानी में कछला गंगाघाट पर हादसे थम नहीं रहे। रविवार सुबह एकादशी का स्नान करने के घाट पर पहुंचे कासगंज के सोरों के श्रद्धालुओं की रिश्तेदार कुमकुम डूबने लगी तो उसे बचाने के लिए फुफेरा भाई तरूण गंगा में कूद गया। उसने कुमकुम को तो बचाकर घाट की ओर धकेल दिया, लेकिन खुद डूब गया। गोताखोर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उसका शव खोज पाए।
हादसा सुबह करीब सात बजे पुल के पास हुआ। सोरों के मोहल्ला मढई निवासी प्रमोद दुबे के परिजन और रिश्तेदार गंगा स्नान के लिए घाट पर पहुंचे। महिलाओं और बच्चों के साथ सभी डूबकी लगाने लगे। उसी दौरान प्रमोद के साले की बेटी कुमकुम डूबने लगी। आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो उसे बचाने के लिए फुफेरा भाई तरूण (18) पुत्र प्रमोद नदी में कूद पड़ा। उसने कुमकुम को बाहर खींचकर घाट की तरफ धकेला तो वह फिसलकर गंगा की तेज धारा में बह गया। उसे डूबता देख मां हीरा देवी और महिलाओं ने आवाज लगाकर गोताखोरों को बुला लिया।
गोताखोरों के साथ आसपास के नाविक भी तरूण की खोजबीन में जुट गए। पुलिस कर्मियों ने गोताखोरों से जानकारी की। एक घंटे बाद तरूण को खोज निकाला गया। परिवार के लोग उसे एंबुलेंस के जरिये उझानी अस्पताल लाए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तरूण की सोरों में कॉस्मेटिक के सामान की दुकान है। चिकित्साधिकारी हरीश कुमार ने बताया कि डूबने से तरूण की मौत हुई है। मृतक के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। वह शव लेकर सोरों चले गए।
