बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह को बेल्ट से पीटने के मामले में आरोपी प्रधानाध्यापक बृजेंद्र कुमार वर्मा कहा कि हमारे साथ अन्याय हुआ है। न्यायालय पर भरोसा और न्याय मिलने की उम्मीद भी है। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद प्रधानाध्यापक ने गिफ्ट में बेल्ट दिए जाने के मामले से पल्ला झाड़ लिया।
प्राथमिक विद्यालय नदवा के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र कुमार वर्मा 23 सितंबर को एक मामले में अपना पक्ष प्रस्तुत करने बीएसए दफ्तर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान आपा खोकर प्रधानाचार्य ने बेल्ट निकालकर बीएसए पर हमला कर दिया था। शोर सुनकर अंदर पहुंचे कर्मचारियों ने प्रधानाध्यापक को दबोच लिया था। इसके बाद उन्हें पुलिस को सौंप दिया गया। बीएसए की तहरीर पर केस दर्ज करते हुए पुलिस ने आरोपी प्रधानाध्यापक को जेल भेज दिया था।
ये भी पढ़ें – रामनगरी अयोध्या ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड, इस वर्ष अब तक 22 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे
ये भी पढ़ें – दिवाली पर घर आने वालों को तोहफा, ट्रेनों में तत्काल कोटे की चार हजार सीटें बढ़ेंगी; इन गाड़ियों में फायदा
उधर, विभागीय कार्रवाई में बृजेंद्र वर्मा को निलंबित करते हुए जांच के निर्देश दिए गए थे। जमानत मिलने पर नौ अक्तूबर को आरोपी शिक्षक जेल से बाहर आ गए थे। जेल से छूटने पर लखनऊ स्थित प्रधानाध्यापक के आवास पर कुछ लोगों ने उन्हें गिफ्ट में बेल्ट भेंट की थी। इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित होने से एक नई बहस छिड़ गई थी। प्रकरण में आरोपी शिक्षक ने चुप्पी तोड़ते हुए बयान जारी किया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में शिक्षक बृजेंद्र वर्मा ने कहा है कि हमारे साथ अन्याय हुआ है।
मामला न्यायालय में लंबित है। न्यायालय पर मुझे पूरा भरोसा है। हमें न्याय अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि कुछ सामाजिक कार्यकर्ता मिलने आए थे। माला पहनाई और मना करने के बावजूद मुझे बेल्ट भेंट की। इसकी फोटो मना करने के बाद भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की गईं। शिक्षक ने सभी से अपील करते हुए कहा है कि उससे संबंधित कोई फोटो वायरल न की जाए। मेरे प्रकरण को लेकर टीका टिप्पणी भी न करें।
