
बसपा सुप्रीमो मायावती।
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लोकसभा चुनाव की आहट के साथ ही बहुजन समाज पार्टी के सांसदों के पाला बदलने की शुरुआत होने लगी है। गाजीपुर से बसपा सांसद अफजाल अंसारी के समाजवादी पार्टी का दामन थामने के बाद बाकी सांसदों की बेचैनी भी बढ़ रही है, हालांकि वह टिकट की गारंटी पर ही बसपा का साथ छोड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इस लिस्ट में पश्चिम से लेकर पूर्वांचल तक के सांसद शामिल हैं। फिलहाल तीन सांसदों का अन्य दलों में जाना तय माना जा रहा है तो बाकियों को भी लुभाने के लिए राजनीतिक दलों में होड़ मची है।
मालूम रहे कि तीन बसपा सांसदों की बीते दिनों भाजपा और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि वह लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही पाला बदल लेंगे। इनमें पूर्वांचल के जिले की एक महिला सांसद भी शामिल हैं, जिनका भाजपा में जाना तय माना जा रहा है।
इसी तरह पश्चिम के एक मुस्लिम सांसद सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं। हालांकि गठबंधन नहीं होने की सूरत में वह अपने फैसले को बदल भी सकते हैं। पूर्वांचल के एक और बसपा सांसद बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के शीर्ष नेताओं से मिले थे, जिसके बाद उनके भाजपा में आने की अटकलें तेज हो गयी थी। हालांकि अब उनका झुकाव कांग्रेस की ओर माना जा रहा है।
जल्द ही घोषित हो सकते हैं टिकट
पार्टी में बगावती सुर उठने की संभावना को देखते हुए बसपा भी जल्द ही अपने टिकट घोषित कर सकती है। पार्टी सूत्रों की मानें तो नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद को भी चुनाव में आजमाया जा सकता है। उनको बिजनौर से प्रत्याशी बनाने की चर्चा हैं, जिसे सांसद मलूक नागर खारिज कर चुके हैं। अब उनको आसपास की किसी सीट से प्रत्याशी घोषित किया जा सकता है।
