– रिव्यू में .07 अंक बढ़ने पर मिला नैक का सर्वोच्च तमगा, खुशी पर परिसर में बजे ढोल-नगाड़े, पुष्पवर्षा भी हुई
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नेशनल एसेसमेंट एंड अक्रेडिटेशन काउंसिल (नैक) ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को ए प्लस-प्लस ग्रेड दिया है। इसकी खुशी में बुधवार को विवि परिसर में ढोल-नगाडे बजे। उत्साहित शिक्षकों और कर्मियों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। इस उपलब्धि पर शिक्षकों, कर्मियों व अफसरों को गांधी सभागार में सम्मानित किया गया।
बीयू के कुलपति प्रो. मुकेश पांडे ने बताया कि नैक की टीम ने 12 से 14 दिसंबर तक विवि परिसर का निरीक्षण किया। टीम ने न सिर्फ शोध कार्य बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता परखी। विवि के रखरखाव व सांस्कृतिक गतिविधियों का आंकलन किया। नैक ने 21 दिसंबर को रिजल्ट घोषित किया तो बीयू को 3.46 अंक मिले और .04 अंक कम मिलने से ए प्लस-प्लस ग्रेड से चूक गया। इस पर विवि ने नैक से रिव्यू की अपील करते हुए दस्तावेज भेजे। विवि की तरफ से दोबारा से प्रिजेंटेशन किया। नैक ने माना ओवर साइट के कारण कुछ डॉक्यूमेंट के मूल्यांकन नहीं होने की चूक हुई है। नैक ने अब बीयू को ए प्लस-प्लस का तमगा दे दिया।
वहीं, इस उपलब्धि को विवि में जश्न के रूप में मनाया गया। छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक कुलपति कार्यालय पहुंचे। शिक्षको ने कुलपति का फूल-मालाओं से स्वागत और पुष्पवर्षा की गई। वहीं, गांधी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में नैक के लिए योगदान देने वाले शिक्षक, कर्मियों व अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महात्मा गांधी विवि चित्रकूट के पूर्व कुलपति प्रो. एनसी गौतम रहे। अध्यक्षता बीयू के कुलपति प्रो. मुकेश पांडे रहे। इस दौरान कुलसचिव विनय कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. अनुपम व्यास ने किया।
ये लाभ होंगे बीयू शिक्षक व विद्यार्थियों को
नैक ए प्लस-प्लस मिलने से बीयू अब देश-विदेश के समकक्ष विवि से अनुबंध कर सकेगा। शिक्षकों को विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक भ्रमण व फैकल्टी एक्सचेंज का अवसर मिलेगा। जेआरएफ व एसआरएफ के साथ नेशनल फैलोशिप के लिए अधिक शोधार्थी आएंगे। शिक्षकों को पेपर प्रिजेंटेशन, प्रोजक्ट, शोध , शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार व एनजीओ से अनुदान मिलेगा। विद्यार्थियों का न सिर्फ प्रवेश बढ़ेगा बल्कि प्लेसमेंट भी ज्यादा होगा। एकेडमिक स्टेटस बदलेगा। शिक्षको को बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिलेगा। प्लेसमेंट के लिए देश-विदेश की कंपनियां आएंगी।
नैक ए प्लस-प्लस तक का सफर
कुलपति प्रो. मुकेश पांडे ने बताया बुंदेलखंड विवि की स्थापना 26 अगस्त 1975 को हुई थी। विवि पहली बार मई 2004 में नैक मूल्यांकन में शामिल हुआ जिसमें बी प्लस ग्रेड मिला। द्वितीय चरण में नैक मूल्यांकन का परिणाम मार्च 2011 में आया जिसमें ””””बी”””” ग्रेड पर संतोष करना पड़ा। तीसरे चरण में वर्ष 2017 में फिर बी-प्लस”””” ग्रेड मिला। वर्ष 2023 में ए प्लस का ग्रेज मिला मगर विवि ने रिव्यू की अपील की। रिव्यू में .07 अंक मिलने के बाद बीयू के कुल अंक 3.53 होने पर ए प्लस-प्लस का ग्रेड मिला है।
अब बदला जाएगा बीयू का होर्डिंग्स
बीयू के प्रवेश द्वार पर लगे होर्डिंग्स के साथ-साथ विभागों की नामपट्टिका पर ए प्लस-प्लस ग्रेड अंकित कराया जाएगा। विवि के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही दस्तावेजों पर भी यह अंकित कराया जाएगा।
