– दोपहर बाद पहुंचे कुलपति ने कहा जांच टीम को नहीं मिली गड़बड़ी, एक को छोड़ खोले सभी लिफाफे
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विवि परिसर में कुलपति दफ्तर पर शुक्रवार को एबीवीपी कार्यकर्ता एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में गड़बड़ी के आरोप लगाकर प्रदर्शन करते ही रह गए, वहीं एग्जीक्यूटिव काउंसिल के चेयरमैन एवं कुलपति प्रो. मुकेश पांडे की मौजूदगी में बंद लिफाफे खोल भर्तियों पर मुहर भी लग गई। दोपहर में कुलपति ने प्रदर्शन करने वालों को बता दिया कि नियुक्ति नियमानुसार हुई है। जिस नियुक्ति का विरोध है, वह लिफाफा नहीं खोला गया है।
सुबह नौ बजे एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) की शिवा राजे बुंदेला कई कार्यकर्ताओं के साथ कुलपति कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने मुख्य गेट पर धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं ने एजुकेशन विभाग में 21 एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर और मैथ एवं कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग में पांच असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में गड़बड़ी के आरोप लगाए।
शिवा राजे बुंदेला ने बताया कि चार माह पहले एबीवीपी ने सात दिन तक नियुक्तियों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। एक आवेदक को हिमाचल में रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया, रिपोर्ट भी दर्ज हुई। पता चला है, उनकी ही नियुक्ति की जा रही है। पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंचा। दूसरी तरफ एग्जीक्यूटिव काउंसिल के चेयरमैन की अध्यक्षता में नियुक्ति के बंद लिफाफों को खोलकर मुहर लगती रही। शिक्षा विभाग के 21 में 20 लिफाफे खुले और मैथ के पांचों लिफाफे खोलकर एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने नियुक्ति पर मुहर लगाई।
दोपहर में एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक के बाद कुलपति प्रो. मुकेश पांडे और कुलसचिव विनय कुमार सिंह प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे। उनका मांग पत्र लेते हुए बताया कि नियुक्ति को लेकर लगाए आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार आरोप निराधार हैं। जिस एक आवेदक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने अथवा अन्य गड़बड़ी की बात कही जा रही है, उनका लिफाफा नहीं खोला गया है।
0- तीन सदस्यीय टीम ने की है जांच
कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने बताया कि नियुक्ति में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए एबीवीपी ने जांच की मांग की थी। तीन सदस्यीय टीम बनाकर जांच कराई गई थी। टीम में रिटायर्ड जिला जज डीके शर्मा, पूर्व कुलपति डीके शर्मा व कानपुर के प्रो. संदीप सिंह थे। रिपोर्ट आने के बाद ही एग्जीक्यूटिव काउंसिल में लिफाफे खोलकर नियुक्ति पर मुहर लगाई गई है। एजुकेशन विभाग की 20 व मैथ एवं कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग की पांच नियुक्ति के लिफाफे खोल लिए गए हैं। एक नियुक्ति का लिफाफा नहीं खोला गया है।
