केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लगातार अपना नौवां बजट पेश किया। ऐसे में साैगात की आस लगाए बैठे व्यापारी से आमजन तक की नजरें टीवी जमी रहीं। बजट देखने के बाद कारोबारी संगठनों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई।
रविवार को नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड काॅमर्स ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि नए बजट में टैक्स नियमों के सरलीकरण पर जोर दिया गया है, लेकिन आगरा का औद्योगिक क्षेत्र जो कि लंबे समय से पर्यावरण दृिष्ट से संवेदशनील होने के कारण पर्यावरण नियमों से प्रभावित है। इसके लिए नए बजट में कोई राहत नहीं दी गई है।
व्यापारियों ने कहा कि स्पेशल पैकेज की मांग थी, लेकिन इस बजट ने निराश किया है। चैंबर के अध्यक्ष संजय गोयल ने कहा कि बजट दिखावा है। पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि आगरा को आईटी सिटी बनाने की लंबी समय से मांग चल रही है। गैर प्रदूषणकारी होने के कारण इसके लिए नए बजट में घोषणा होनी चाहिए थी। लेकिन बजट को देखकर निराशा हो रही है।
दूसरी लघु उद्योग भारती ने बजट को संतुलित बताया है। जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता का कहना है कि इस बजट से एमएसएमई क्षेत्र में मजबूती आएगी। भविष्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। प्रदेश मंत्री मनीष अग्रवाल रावी का कहना है कि नए बजट को हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से जोड़कर देखा जा रहा है। यूरोपिय देशों से व्यापार मजबूत होगा। सरकार ने लोकलुभावन वादे नहीं किए हैं। लघु उद्योग भारती के महामंत्री राजीव अग्रवाल, सीए निलिख गुप्ता, संजीव आदि ने भी बजट को अच्छा बताया।
